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कोरोना के साथ बची फसल की चिंता
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चित्रकूट। जिले में लॉकडाउन के दौरान भी किसान किसान खेतों में जाकर फसल काटने में लगे हैं। प्रशासन ने किसानों को फसल काटने के लिए आने जाने के लिए पास जारी कर कुछ स्थानों पर छूट भी दी है। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए फसल कटाई में भी सामाजिक दूरी नियम का पालन करने के निर्देश हैं। किसान कोरोनो से भयभीत हैं, लेकिन यह भी मानते हैं कि मौसम जिस तरह से करवट बदल रहा है, उससे पकी फसल खेत में पड़ी रही, तो वह बर्बाद हो जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में रबी की फसल की कटाई व मड़ाई का कार्य तेज हो गया। रबी की फसल में किसान गेहूं, चना, मसूर, तिलहन की फसल की बुआई की थी। इसमें कई गांवों में फसल तैयार हो गई। इसके लिए किसान परिवार के सदस्यों व श्रमिकोें क े सहारे फसल की कटाई व मड़ाई में जुट गए हैं।
चित्रकूट। अशोह गांव के किसान महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यदि फसल काटने में देर कर दी, तो अन्ना मवेशी फसल को खा जाएंगे। तब किसान किसी लायक नहीं बचेगा। मानिकपुर के किसान राजकिशोर त्रिपाठी का कहना है कि इस साल ओलावृष्टि व अतिवृष्टि होने से अधिकतर किसानों की फसल नष्ट भी हो गई है। इससे कई गांवों के किसान परेशान हैं। वह सब जल्द अपनी फसल घर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
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चित्रकूट। शनिवार देर शाम जिले के कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। तेज हवाएं भी चल रही हैं। इससे फसलों के नुकसान की आशंका है। रबी की फसल तैयार हो गई है। आधे से ज्यादा फसल अभी कटी नहीं है। इससे किसान चिंतित है कि यदि तेज बारिश के साथ ओले पड़ गए तो फसल खराब हो जाएगी। इस साल अच्छी पैदावार होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों के अरमानों में पानी फिर गया है। एक माह पहले ओलावृष्टि से होने से फसल को भारी नुकसान पहुंचा था।
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ग्रामीण क्षेत्रों में रबी की फसल की कटाई व मड़ाई का कार्य तेज हो गया। रबी की फसल में किसान गेहूं, चना, मसूर, तिलहन की फसल की बुआई की थी। इसमें कई गांवों में फसल तैयार हो गई। इसके लिए किसान परिवार के सदस्यों व श्रमिकोें क े सहारे फसल की कटाई व मड़ाई में जुट गए हैं।
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चित्रकूट। अशोह गांव के किसान महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यदि फसल काटने में देर कर दी, तो अन्ना मवेशी फसल को खा जाएंगे। तब किसान किसी लायक नहीं बचेगा। मानिकपुर के किसान राजकिशोर त्रिपाठी का कहना है कि इस साल ओलावृष्टि व अतिवृष्टि होने से अधिकतर किसानों की फसल नष्ट भी हो गई है। इससे कई गांवों के किसान परेशान हैं। वह सब जल्द अपनी फसल घर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
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चित्रकूट। शनिवार देर शाम जिले के कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। तेज हवाएं भी चल रही हैं। इससे फसलों के नुकसान की आशंका है। रबी की फसल तैयार हो गई है। आधे से ज्यादा फसल अभी कटी नहीं है। इससे किसान चिंतित है कि यदि तेज बारिश के साथ ओले पड़ गए तो फसल खराब हो जाएगी। इस साल अच्छी पैदावार होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों के अरमानों में पानी फिर गया है। एक माह पहले ओलावृष्टि से होने से फसल को भारी नुकसान पहुंचा था।