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नाक, मुंह में डालें सरसों के तेल की बूंदे
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खोही(चित्रकूट)। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट में कोविड -19 का आयुर्वेदिक समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वर्चुअल व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के वरिष्ठ परामर्शदाता डा.परमेश्वर अरोड़ा ने ट्रिपल मास्क पहनने की सलाह दी। साथ ही कहा कि सरसों के तेल अथवा गाय के घी की दो-दो बूंद नाक और मुंह में डालकर अपनी दिनचर्या प्रारंभ करनी चाहिए। इसे दिन में कम से कम तीन बार दोहराएं।
सोमवार को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने की। उन्होंने कहा कि शरीर में इम्युनिटी आयुर्वेद से ही बनती है। हमें इसे अपनाना चाहिए। संगोष्ठी आयोजन समिति के अध्यक्ष डा.आञ्जनेय पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया।
गोष्ठी में डा.परमेश्वर ने बताया कि नाक और मुंह में सशक्त पहरेदार खड़ा कर हम कोरोना संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं। कहा कि घर से बाहर निकलने पर 95 मास्क दूसरी लेयर के रूप में और उस पर सर्जिकल मास्क को तीसरी लेयर के रूप मे पहनना चाहिए। घर लौटकर सबसे पहले तीसरी लेयर के रूप में पहनी गई सर्जिकल मास्क को हटाकर डस्टबिन में घर के बाहर डाल देना चाहिए। 95 मास्क को 48 घंटे के लिए टांग देना चाहिए।
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उन्होंने यह भी बताया कि नित्य दो बार पानी की भाप लेनी चाहिए। दो बार एक गिलास गरम पानी में एक चुटकी हल्दी और एक चुटकी सेंधा नमक से गरारा करना चाहिए। दो काली मिर्च और दो लौंग दिन में तीन से चार बार चूसना चाहिए। बताया कि कोरोना संक्रमण होने पर प्रारंभ में स्टेरॉयड का सेवन कतई नहीं करना चाहिए। दरअसल प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर स्टेरॉयड का सेवन नुकसान हो सकता है। खांसी आने पर सीतोपलादि चूर्ण और टेबलेट, श्वासकुठार रस का सेवन चिकित्सक की परामर्श के अनुसार करना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डा.राकेश कुमार श्रीवास्तव ने किया । इस वर्चुअल कार्यक्त्रस्म में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली आदि प्रान्तों के चिकित्सा विद्वान और विभिन्न जागरूक चिकित्सा संस्थाओं के पदाधिकारी भी शामिल रहे।
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सोमवार को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने की। उन्होंने कहा कि शरीर में इम्युनिटी आयुर्वेद से ही बनती है। हमें इसे अपनाना चाहिए। संगोष्ठी आयोजन समिति के अध्यक्ष डा.आञ्जनेय पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया।
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गोष्ठी में डा.परमेश्वर ने बताया कि नाक और मुंह में सशक्त पहरेदार खड़ा कर हम कोरोना संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं। कहा कि घर से बाहर निकलने पर 95 मास्क दूसरी लेयर के रूप में और उस पर सर्जिकल मास्क को तीसरी लेयर के रूप मे पहनना चाहिए। घर लौटकर सबसे पहले तीसरी लेयर के रूप में पहनी गई सर्जिकल मास्क को हटाकर डस्टबिन में घर के बाहर डाल देना चाहिए। 95 मास्क को 48 घंटे के लिए टांग देना चाहिए।
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उन्होंने यह भी बताया कि नित्य दो बार पानी की भाप लेनी चाहिए। दो बार एक गिलास गरम पानी में एक चुटकी हल्दी और एक चुटकी सेंधा नमक से गरारा करना चाहिए। दो काली मिर्च और दो लौंग दिन में तीन से चार बार चूसना चाहिए। बताया कि कोरोना संक्रमण होने पर प्रारंभ में स्टेरॉयड का सेवन कतई नहीं करना चाहिए। दरअसल प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर स्टेरॉयड का सेवन नुकसान हो सकता है। खांसी आने पर सीतोपलादि चूर्ण और टेबलेट, श्वासकुठार रस का सेवन चिकित्सक की परामर्श के अनुसार करना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डा.राकेश कुमार श्रीवास्तव ने किया । इस वर्चुअल कार्यक्त्रस्म में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली आदि प्रान्तों के चिकित्सा विद्वान और विभिन्न जागरूक चिकित्सा संस्थाओं के पदाधिकारी भी शामिल रहे।