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चित्रकूट: निलंबित जेई की मष्तिक की जांच करा सकती है सीबीआई
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चित्रकूट। बच्चों संग यौन शोषण के मामले में जेल भेजे गए सिंचाई विभाग के जेई रामभवन की विकृत मानसिकता की तह तक जाने को सीबीआई ताना-बाना बुन रही है। सीबीआई टीम इसके लिए रामभवन के बचपन से अब तक साथ रहे करीबियों तक पहुंचने के साथ ही उसके दिमाग की जांच कराने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मानें, तो सीबीआई ने रामभवन के मस्तिष्क की जांच को आला अफसरों से मंथन भी शुरू कर दिया है।
बांदा के नरैनी के जवाहर नगर के मूल निवासी जेई रामभवन एसडीएम कालोनी में किराये के मकान में रहता था। संभावना जताई जा रही कि इसी मकान के साथ ही नौकरी के दौरान जहां भी रामभवन आता जाता था। वहां बच्चों को खिलौने और खाने-पीने के बहाने अपने घर बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। उनका वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर देता था। बच्चों के साथ यौन शोेषण करने के साथ पोर्न साइड पर वीडियो अपलोड कर पैसे कमाता था।
सूत्रों की मानें, तो बीटेक करके इंजीनियर बने रामभवन के मस्तिष्क में दरिंदगी का ख्याल कैसे आया, उसकी मानसिकता इतनी विकृत कैसे हो गई। इसका पता लगाने के लिए सीबीआई उसके मस्तिष्क की जांच के लिए मनोचिकित्सकों की मदद लेने की तैयारी कर रही है। आला अफसरों की हरी झंडी मिलने के बाद ही सीबीआई तय करेगी कि रामभवन के मस्तिष्क की जांच कहां होगी। हालांकि, सीबीआई अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. विपुल सिंह का कहना है कि
बच्चों से यौन शोषण करने वाले पीडोफीलिया बीमारी से ग्रसित होते हैं। यह लोग सामान्य नहीं होते हैं। इनको यौन शोषण में आनंद मिलता है। आरोपी यौन शोषण का वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर पैसे भी कमाने लगते हैं।
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बांदा के नरैनी के जवाहर नगर के मूल निवासी जेई रामभवन एसडीएम कालोनी में किराये के मकान में रहता था। संभावना जताई जा रही कि इसी मकान के साथ ही नौकरी के दौरान जहां भी रामभवन आता जाता था। वहां बच्चों को खिलौने और खाने-पीने के बहाने अपने घर बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। उनका वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर देता था। बच्चों के साथ यौन शोेषण करने के साथ पोर्न साइड पर वीडियो अपलोड कर पैसे कमाता था।
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सूत्रों की मानें, तो बीटेक करके इंजीनियर बने रामभवन के मस्तिष्क में दरिंदगी का ख्याल कैसे आया, उसकी मानसिकता इतनी विकृत कैसे हो गई। इसका पता लगाने के लिए सीबीआई उसके मस्तिष्क की जांच के लिए मनोचिकित्सकों की मदद लेने की तैयारी कर रही है। आला अफसरों की हरी झंडी मिलने के बाद ही सीबीआई तय करेगी कि रामभवन के मस्तिष्क की जांच कहां होगी। हालांकि, सीबीआई अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. विपुल सिंह का कहना है कि
बच्चों से यौन शोषण करने वाले पीडोफीलिया बीमारी से ग्रसित होते हैं। यह लोग सामान्य नहीं होते हैं। इनको यौन शोषण में आनंद मिलता है। आरोपी यौन शोषण का वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर पैसे भी कमाने लगते हैं।