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Chitrakoot News: बाढ़ उतरी तो रामघाट में लौटी रौनक
Tue, 29 Sep 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:21 AM IST
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28 सीकेटीपी-04-रामघाट में श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी का जलस्तर घटते ही रामघाट पर बाढ़ के निशान मिटने लगे हैं और एक बार फिर रौनक लौटने लगी है। सोमवार को घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हुई तो दुकानदारों ने भी दुकानें साफ कर सामान सजा दिया। कई दिनों बाद घाट पर घंटियों और मंत्रोच्चार की गूंज फिर सुनाई दी।
25 सितंबर से बाढ़ की चपेट में आए रामघाट पर करीब 200 दुकानें प्रभावित हुई थीं। लगातार बारिश और ऊपर से आए पानी के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। 26 सितंबर की रात तक पानी घाट के ऊपर और खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा था। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं का आवागमन रोक दिया था और घाट को खाली करा दिया था।
पानी उतरने के बाद प्रशासन ने सफाई कराई। नगर पंचायत कर्मचारियों ने घाट पर जमा मिट्टी और कचरा हटाया। इसके बाद दुकानदारों ने भी दुकानें खोल लीं, हालांकि दूसरे छोर पर अभी सफाई चल रही है। दुकानदारों का कहना है कि बाढ़ से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। कई दुकानों में रखा सामान भीग गया था। अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।
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तमिलनाडु व छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वह 25 सितंबर की शाम चित्रकूट पहुंचे थे, बाढ़ के कारण घाट पर नहीं जा सके थे। पानी कम होने की जानकारी मिलने पर सोमवार को दर्शन किए। फतेहपुर के निहालपुर निवासी पप्पू सिंह ने कहा कि मंदाकिनी में स्नान और रामघाट के दर्शन के बिना चित्रकूट यात्रा अधूरी मानी जाती है।
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कई दुकानदारों ने अभी नहीं खोली दुकानें
चित्रकूट। मंदाकिनी का पानी उतरने और घाट की सफाई के बाद अधिकांश दुकानदारों ने दुकानें खोल लीं हैं, लेकिन कई दुकानदार अभी भी दुकानें बंद रखे हुए हैं। रामघाट के दुकानदार रमेश, रोशन प्रसाद और गणेश ने बताया कि इस सीजन में मंदाकिनी का जलस्तर दस से अधिक बार खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुका है। अब हल्की बारिश होने पर भी डर बना रहता है कि कहीं पानी दोबारा दुकानों में न घुस जाए। इस कारण कई लोगों ने दुकानें साफ तो कर ली हैं, लेकिन सामान नहीं लगाया है।
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25 सितंबर से बाढ़ की चपेट में आए रामघाट पर करीब 200 दुकानें प्रभावित हुई थीं। लगातार बारिश और ऊपर से आए पानी के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। 26 सितंबर की रात तक पानी घाट के ऊपर और खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा था। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं का आवागमन रोक दिया था और घाट को खाली करा दिया था।
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पानी उतरने के बाद प्रशासन ने सफाई कराई। नगर पंचायत कर्मचारियों ने घाट पर जमा मिट्टी और कचरा हटाया। इसके बाद दुकानदारों ने भी दुकानें खोल लीं, हालांकि दूसरे छोर पर अभी सफाई चल रही है। दुकानदारों का कहना है कि बाढ़ से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। कई दुकानों में रखा सामान भीग गया था। अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।
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तमिलनाडु व छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वह 25 सितंबर की शाम चित्रकूट पहुंचे थे, बाढ़ के कारण घाट पर नहीं जा सके थे। पानी कम होने की जानकारी मिलने पर सोमवार को दर्शन किए। फतेहपुर के निहालपुर निवासी पप्पू सिंह ने कहा कि मंदाकिनी में स्नान और रामघाट के दर्शन के बिना चित्रकूट यात्रा अधूरी मानी जाती है।
कई दुकानदारों ने अभी नहीं खोली दुकानें
चित्रकूट। मंदाकिनी का पानी उतरने और घाट की सफाई के बाद अधिकांश दुकानदारों ने दुकानें खोल लीं हैं, लेकिन कई दुकानदार अभी भी दुकानें बंद रखे हुए हैं। रामघाट के दुकानदार रमेश, रोशन प्रसाद और गणेश ने बताया कि इस सीजन में मंदाकिनी का जलस्तर दस से अधिक बार खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुका है। अब हल्की बारिश होने पर भी डर बना रहता है कि कहीं पानी दोबारा दुकानों में न घुस जाए। इस कारण कई लोगों ने दुकानें साफ तो कर ली हैं, लेकिन सामान नहीं लगाया है।

28 सीकेटीपी-04-रामघाट में श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद