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Chitrakoot News: आयुष्मान कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे लाभार्थी

Thu, 13 Nov 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Thu, 13 Nov 2025 11:50 PM IST
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Beneficiaries are not interested in making Ayushman card
चित्रकूट। आयुष्मान योजना में मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं मिलें, इसके लिए योजना में गांव- गांव शिविर लगाए जाते हैं। बावजूद इसके इन शिविरों में लाभार्थी कार्ड बनवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिनके आयुष्मान कार्ड बने हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। वजह, चित्रकूट जनपद में महज दो ही निजी अस्पताल संबद्ध हैं। इससे समय पर मरीजों को इलाज मिलता नहीं। उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान चली जाती है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही और निजी अस्पतालों के चयन की बात कह रहा है।
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जिले में आयुष्मान योजना के 4 लाख 53 हजार 870 लाभार्थी हैं। इसमें 3 लाख 22 हजार 400 लाभार्थियों के कार्ड बन चुके हैं। जबकि 1 लाख 31 हजार 470 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनने बाकी हैं। वहीं 13 हजार लाभार्थियों के आधार व सूची से मिलान नहीं हो रहा है। ऐसे में इनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहे हैं। जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, सीएचसी व 113 आयुष्मान केंद्रों में कार्ड बनाए जाते हैं। साथ ही जिस गांव में अधिक लाभार्थी होते हैं, वहां शिविर लगाकर भी आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं। इसके बाद भी लाभार्थी रुचि नहीं ले रहे हैं।
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आयुष्मान कार्ड न होता तो इलाज न करा पाते
चित्रकूट। कर्वी के रामआसरे ने बताया कि वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। जिला अस्पताल से डाक्टरों ने रेफर कर दिया था। आयुष्मान कार्ड होने पर अपना इलाज प्रयागराज के निजी अस्पताल में कराया। इसी प्रकार राजकली ने बताया कि उसकी आंखों में परेशानी थी। डाक्टरों को दिखाया तो ऑपरेशन कराने की बात कही। उसके आंखों का ऑपरेशन जानकीकुंड अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से हुआ। इसमें करीब 40 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई। बताया कि आयुष्मान कार्ड न होता ताे आंखों का इलाज नहीं करा पाती। (संवाद)
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सूची में शामिल सभी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कहा जाता है। कार्यालय के अलावा जिला अस्पताल, सीएचसी व आयुष्मान सेंटरों में कार्ड बनाए जाते हैं। कार्ड बनाने के मामले में जिले को प्रदेश में 27 वां स्थान भी मिला है।
डॉ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ
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