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बवाल के बीच शुरू हुआ मूल्यांकन
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 02 Apr 2015 10:37 PM IST
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मूल्यांकन केंद्र चित्रकूट इंटर कालेज में गुरुवार को
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जमकर बवाल हुआ। माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) जहां कापियां जांचने को
तैयार था, वहीं बाकी गुट और वित्तविहीन शिक्षक संघ विरोध कर रहे थे।
बहिष्कार कर रहे शिक्षकों को पुलिस ने कोठार के सामने से जबरन हटाया तो और
उग्र हो गए।
संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी मनोज द्विवेदी ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, पर ये नहीं माने। बाद में पुलिस की उपस्थिति में राजकीय शिक्षकों और सहायता प्राप्त कालेजों (शर्मा गुट) ने मूल्यांकन कार्य शुरू किया।
गुरुवार की सुबह से ही मूल्यांकन केंद्र चित्रकूट इंटर कालेज में गहमागहमी रही। शर्मा गुट के सदस्य जहां कापियों के मूल्यांकन को तैयार थे, वहीं चेतराम, पांडे गुट और वित्तविहीन शिक्षक संघ बहिष्कार पर अड़े थे। बताया जाता है कि इसी दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने बहिष्कार कर रहीं महिला टीचरों को उठाना शुरू किया।
इस पर शिक्षक आक्रोशित हो गए। नारेबाजी करने लगे। लगभग एक बजे संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज द्विवेदी पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की पर बहिष्कार कर रहे शिक्षक नहीं माने। इस पर मनोज द्विवेदी ने शिक्षक संघ (शर्मा गुट) से बात की। इसके बाद प्रशासन को बताया गया कि इस गुट के शिक्षक मूल्यांकन कार्य को तैयार हैं।
इस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। सीओ सिटी श्रीपाल यादव, कोतवाल ओपी तिवारी ने भी शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, पर वे नहीं माने।
उप केंद्र नियंत्रक डॉ. रणवीर सिंह चौहान की भी शिक्षकों ने नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस ने शिक्षकों को कोठार के सामने से हटा दिया। इसके बाद लगभग दो बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। उधर, बहिष्कार कर रहे शिक्षक कोठार के पास धरने पर बैठे रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमप्रकाश मौर्य के सामने शिक्षकों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। संयुक्त शिक्षा निदेशक के जाने के बाद जैसे ही डीआईओएस पहुंचे, बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। शिक्षकों ने डीआईओएस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
उप नियंत्रक डॉ. रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि दोपहर दो बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। पहले दिन हाईस्कूल में 1586 और इंटरमीडिएट में 1220 कापियां चेक हुईं। हाईस्कूल की 88262 और इंटरमीडिएट की 90556 कापियों का मूल्यांकन होना है।
हाईस्कूल में 195 शिक्षकों में से 147 शिक्षक मौजूद रहे। इंटरमीडिएट की कापियों को जांचने के लिए 190 में 121 उपस्थित रहे। अनुपस्थित परीक्षकों की सूची बोर्ड को भेजी जा रही है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी मनोज द्विवेदी ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, पर ये नहीं माने। बाद में पुलिस की उपस्थिति में राजकीय शिक्षकों और सहायता प्राप्त कालेजों (शर्मा गुट) ने मूल्यांकन कार्य शुरू किया।
गुरुवार की सुबह से ही मूल्यांकन केंद्र चित्रकूट इंटर कालेज में गहमागहमी रही। शर्मा गुट के सदस्य जहां कापियों के मूल्यांकन को तैयार थे, वहीं चेतराम, पांडे गुट और वित्तविहीन शिक्षक संघ बहिष्कार पर अड़े थे। बताया जाता है कि इसी दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने बहिष्कार कर रहीं महिला टीचरों को उठाना शुरू किया।
इस पर शिक्षक आक्रोशित हो गए। नारेबाजी करने लगे। लगभग एक बजे संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज द्विवेदी पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की पर बहिष्कार कर रहे शिक्षक नहीं माने। इस पर मनोज द्विवेदी ने शिक्षक संघ (शर्मा गुट) से बात की। इसके बाद प्रशासन को बताया गया कि इस गुट के शिक्षक मूल्यांकन कार्य को तैयार हैं।
इस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। सीओ सिटी श्रीपाल यादव, कोतवाल ओपी तिवारी ने भी शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, पर वे नहीं माने।
उप केंद्र नियंत्रक डॉ. रणवीर सिंह चौहान की भी शिक्षकों ने नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस ने शिक्षकों को कोठार के सामने से हटा दिया। इसके बाद लगभग दो बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। उधर, बहिष्कार कर रहे शिक्षक कोठार के पास धरने पर बैठे रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमप्रकाश मौर्य के सामने शिक्षकों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। संयुक्त शिक्षा निदेशक के जाने के बाद जैसे ही डीआईओएस पहुंचे, बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। शिक्षकों ने डीआईओएस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
उप नियंत्रक डॉ. रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि दोपहर दो बजे से मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। पहले दिन हाईस्कूल में 1586 और इंटरमीडिएट में 1220 कापियां चेक हुईं। हाईस्कूल की 88262 और इंटरमीडिएट की 90556 कापियों का मूल्यांकन होना है।
हाईस्कूल में 195 शिक्षकों में से 147 शिक्षक मौजूद रहे। इंटरमीडिएट की कापियों को जांचने के लिए 190 में 121 उपस्थित रहे। अनुपस्थित परीक्षकों की सूची बोर्ड को भेजी जा रही है।