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जब वर्दी पहने थे तो क्यों नहीं लिये शस्त्र
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चित्रकूट/पहाड़ी। थाना क्षेत्र के तीन सिपाही वर्दी पहनकर बुधवार की सुबह अपनी बाइक से ओरा ममसी गांव में पुलिस जांच की नोटिस तामील कराने जाते हैं लेकिन अपने शस्त्र साथ क्यों नहीं ले गये इसका जवाब नहीं दे पा रहे हैं। घटना के पीछे सिपाहियों का निहत्था होना भी प्रमुख वजह मानी जा रहा है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र का ओरा ममसी गांव में बालू की अवैध ढुलान के लिए जाना जाता है। इसकी जानकारी तो पुलिस थाने में भलीभांति है। इसके बाद भी थाने के सिपाही नरेंद्र कुमार, दीपक व पंकज बिना शस्त्र लिये गांव बाइक से गये। इन तीनों ने बताया कि उन्हें हमले का आभास नहीं था। वह बस वीडियो बना रहे थे तभी आरोपियों ने हमला कर दिया। शस्त्र साथ न लाने के बारे में कहा कि सिर्फ नोटिस तामील के लिए ग्रामीणों के पास आये थे इसीलिये शस्त्र नहीं लाये।
थाना प्रभारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि तीनों सिपाही बिना शस्त्र लिये ही नोटिस तामील कराने गये हैं। सुबह सुबह जल्दबाजी के कारण भी संभव है कि सिपाहियों ने सोचा कि नोटिस देकर चले आना है। वह तो रास्ते में गांव के कुछ लोगों ने जिद कर मौके पर ले गये। यहां तक कहा था कि वह सब वर्दी पहने हैं तो यह देखकर नदी पार कमासिन क्षेत्र से आये आरोपी बैलगाड़ी लेकर भाग जाएंगे। ग्रामीणों की बात मानकर तीनों सिपाही उस ओर गये थे। जाने के पहले ही यदि तीनों थाने सूचना देते तो पुलिस बल भी आ जाता।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र का ओरा ममसी गांव में बालू की अवैध ढुलान के लिए जाना जाता है। इसकी जानकारी तो पुलिस थाने में भलीभांति है। इसके बाद भी थाने के सिपाही नरेंद्र कुमार, दीपक व पंकज बिना शस्त्र लिये गांव बाइक से गये। इन तीनों ने बताया कि उन्हें हमले का आभास नहीं था। वह बस वीडियो बना रहे थे तभी आरोपियों ने हमला कर दिया। शस्त्र साथ न लाने के बारे में कहा कि सिर्फ नोटिस तामील के लिए ग्रामीणों के पास आये थे इसीलिये शस्त्र नहीं लाये।
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थाना प्रभारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि तीनों सिपाही बिना शस्त्र लिये ही नोटिस तामील कराने गये हैं। सुबह सुबह जल्दबाजी के कारण भी संभव है कि सिपाहियों ने सोचा कि नोटिस देकर चले आना है। वह तो रास्ते में गांव के कुछ लोगों ने जिद कर मौके पर ले गये। यहां तक कहा था कि वह सब वर्दी पहने हैं तो यह देखकर नदी पार कमासिन क्षेत्र से आये आरोपी बैलगाड़ी लेकर भाग जाएंगे। ग्रामीणों की बात मानकर तीनों सिपाही उस ओर गये थे। जाने के पहले ही यदि तीनों थाने सूचना देते तो पुलिस बल भी आ जाता।
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