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सख्ती के बाद भी श्रद्घालुओं ने जोखिम उठाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट।
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:45 PM IST
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तीर्थक्षेत्र में श्रद्घालुओं की सहुलियत के लिए तीन स्पेशल ट्रेन, करीब एक सैकड़ा रोडवेज बस के अलावा धर्मनगरी से गुजरने वाली सभी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज, बोगी बढ़ाई, लेकिन फिर भी यह इंतजाम कम साबित हुए। ट्रेन व बसों की छतों पर बैठकर तीर्थयात्रियों को सफर करते देखा गया। कुछ घटनाओं से सबक लेकर प्रशासन ने काफी सख्ती दिखाई और मुख्यालय के स्टेशन पर ट्रेन की छत पर बैठे यात्रियों को सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा।
धर्मनगरी में दीपावली, भदई अमावस्या व मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ रहती है। इस बार सोमवार को मौनी अमावस्या होने पर चित्रकूट व सतना के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर मेले में सुरक्षा की व्यवस्था की थी। इसके तहत कानपुर व झांसी मार्ग से तीन मेला स्पेशल ट्रेन के साथ सभी ट्रेनों के स्टापेज की व्यवस्था कराई गई। परिवहन विभाग से करीब एक सैकड़ा अतिरिक्त बसें लगाई गई।
इसके बावजूद सोमवार को संसाधन कम पड़ गए। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी रही। जान जोखिम में डालकर श्रद्धालुओं ने छतों पर भी डेरा जमा लिया। इस दौरान उनके बीच धक्का मुक्की भी होती रही। यह देख आरपीएफ व जीआरपी के जवान अलर्ट हो गए। डंडा पलटकर ट्रेन में सीढ़ी लगाकर यात्रियों को छत से नीचे उतारा। उधर भरतकूप व शिवरामपुर स्टेशनों पर इतनी सख्ती न होने से यात्री छतों पर बैठकर सफर करते रहे।
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धर्मनगरी में दीपावली, भदई अमावस्या व मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ रहती है। इस बार सोमवार को मौनी अमावस्या होने पर चित्रकूट व सतना के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर मेले में सुरक्षा की व्यवस्था की थी। इसके तहत कानपुर व झांसी मार्ग से तीन मेला स्पेशल ट्रेन के साथ सभी ट्रेनों के स्टापेज की व्यवस्था कराई गई। परिवहन विभाग से करीब एक सैकड़ा अतिरिक्त बसें लगाई गई।
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इसके बावजूद सोमवार को संसाधन कम पड़ गए। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी रही। जान जोखिम में डालकर श्रद्धालुओं ने छतों पर भी डेरा जमा लिया। इस दौरान उनके बीच धक्का मुक्की भी होती रही। यह देख आरपीएफ व जीआरपी के जवान अलर्ट हो गए। डंडा पलटकर ट्रेन में सीढ़ी लगाकर यात्रियों को छत से नीचे उतारा। उधर भरतकूप व शिवरामपुर स्टेशनों पर इतनी सख्ती न होने से यात्री छतों पर बैठकर सफर करते रहे।
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