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अध्यक्ष पद हथियाने को शक्ति प्रदर्शन में लगी पार्टियां
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चित्रकूट। जिला पंचायत की अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जे के लिए राजनैतिक दलों में घमासान शुरू हो गया हैं। इसमें सबसे पहले सपा ने बाजी मारी है। एक निर्दलीय विजेता को पार्टी की सदस्यता दिलाई है।
जिला पंचायत के कुल 17 सदस्य हैं जिसमें कोई भी राजनैतिक दल बहुमत तक नहीं पहुंच सका है। सबसे अधिक बसपा के छह सदस्य है। सपा के पांच व भाजपा के चार, भारतीय किसान यूनियन का एक व एक निर्दलीय जीता है। चुनाव बाद अध्यक्ष पद पाने के लिए भाजपा, सपा सहित बसपा ने पहले से ही शक्ति प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। सब का प्रयास है कि बहुमत के लिए नौ सदस्यों की संख्या कैसे पूरी की जाए। इसी कोशिश में सपा ने एक निर्दलीय विजेता को पार्टी में शामिल कर लिया है। जबकि बसपा के पदाधिकारी बैठक कर रणनीति बना रहे है। कुछ जिला पंचायत के सदस्यों को अपने पाले में लाने की जुगत में लगे हैं।
प्रमुख दल पेश कर रहे दावेदारी
भाजपा गोपनीय तरीके से जीते सदस्यों को अपने पाले मेें लाने के लिए लग गई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे का दावा है चुनाव जीतते ही कुछ प्रत्याशी मिलने के लिए आये थे। जो उनकी पार्टी का समर्थन करेंगे। उनकी पार्टी के प्रत्याशी को बहुमत मिलने का भरोसा है। सपा के जिलाउपाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल ने कहा कि अब उनके पास पांच सदस्य हो गए हैं जिससे अध्यक्ष पद का दावा किया जाएगा। आरोप लगाया कि भाजपाई उनके सदस्यों को डराने धमकाने और लालच देना शुरू कर दिया है लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पडे़गा। बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा सदस्य उनके दल के समर्थन वाले हैं उनका तो अध्यक्ष पर दावा हर हाल में है। भाजपा की डराने धमकाने की नीति का बसपा पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा।
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जिला पंचायत के कुल 17 सदस्य हैं जिसमें कोई भी राजनैतिक दल बहुमत तक नहीं पहुंच सका है। सबसे अधिक बसपा के छह सदस्य है। सपा के पांच व भाजपा के चार, भारतीय किसान यूनियन का एक व एक निर्दलीय जीता है। चुनाव बाद अध्यक्ष पद पाने के लिए भाजपा, सपा सहित बसपा ने पहले से ही शक्ति प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। सब का प्रयास है कि बहुमत के लिए नौ सदस्यों की संख्या कैसे पूरी की जाए। इसी कोशिश में सपा ने एक निर्दलीय विजेता को पार्टी में शामिल कर लिया है। जबकि बसपा के पदाधिकारी बैठक कर रणनीति बना रहे है। कुछ जिला पंचायत के सदस्यों को अपने पाले में लाने की जुगत में लगे हैं।
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प्रमुख दल पेश कर रहे दावेदारी
भाजपा गोपनीय तरीके से जीते सदस्यों को अपने पाले मेें लाने के लिए लग गई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे का दावा है चुनाव जीतते ही कुछ प्रत्याशी मिलने के लिए आये थे। जो उनकी पार्टी का समर्थन करेंगे। उनकी पार्टी के प्रत्याशी को बहुमत मिलने का भरोसा है। सपा के जिलाउपाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल ने कहा कि अब उनके पास पांच सदस्य हो गए हैं जिससे अध्यक्ष पद का दावा किया जाएगा। आरोप लगाया कि भाजपाई उनके सदस्यों को डराने धमकाने और लालच देना शुरू कर दिया है लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पडे़गा। बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा सदस्य उनके दल के समर्थन वाले हैं उनका तो अध्यक्ष पर दावा हर हाल में है। भाजपा की डराने धमकाने की नीति का बसपा पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा।
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