गांवों में हालत अभी भी दयनीय

Chitrakoot Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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शहर और कस्बों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त
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सरैंया(चित्रकूट)। शहर-कसबों में बिजली दुरुस्त करने के बाद आपूर्ति बढ़ाकर बिजली विभाग अपनी पीठ खुद ठोंक रहा है वहीं गांवों की हालत अभी भी दयनीय है। कहीं आपूर्ति फाल्ट के नाम पर ठप है तो कहीं ऊपर से कम बिजली मिलने के नाम पर गांवों को बिजली से वंचित किया जा रहा है।
रैपुरा के ग्रामीण इलाकों में बिजली की काफी दिक्कत है। ग्रामीण कहते हैं कि गांवों में तो मोबाइल चार्ज करने भर को बिजली भी नहीं मिल रही है। लोगोें को अपने मोबाइल बाजार में ले जाकर इंवर्टर से चार्ज कराना पड़ता है। बिजली न मिलने से गांव में चल रहे कृषि कार्य में भी बाधा पड़ती है। धान, बरहट, सिंहपुर, अहिरा, बांधा के निवासी बिजली न आने से काफी परेशान हैं। धान के प्रधान ने बताया कि उनके गांव में बिजली एक माह से नहीं आ रही है। इस वजह से घरों के विद्युत के उपकरण बेकार पड़े हैं। गांव के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए आसपास की बाजार में जाना पड़ता है, जिन दुकानों में जनरेटर होता है वहां पैसे देकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। सिंहपुर के ग्राम प्रधान कुरील यादव ने बताया कि उनके गांव में शाम को सात बजे से रात दस बजे तक बारह बजे रात से सुबह छ: बजे तक की विद्युत कटौती होती है। बरहट निवासी मुन्ना सिंह व छेदी लाल ने बताया कि उनके घरों में भी बिजली से कोई लाभ नहीं मिलता है। बिजली की कमी से लोग काफी बेहाल हो जाते हैं, रात में सोना तक मुहाल है।
बांधा के प्रधान बद्री विशाल ने बताया कि उनके गांव में भी बिजली की काफी दिक्कत है। गांव में लोगों के घरों में लगे पंखे, कूलर, टीवी आदि उपकरण बेकार पड़े रहते हैं। अहिरा गांव के डा. हरिओम, संतोष, डा पिंटू श्रीवास्तव ने बताया कि उनके गांव में बिजली की सप्लाई गनीवां से आती है। बिजली की दिक्कत इतनी है कि लोगोें की रात को नींद भी पूरी नहीं हो पाती है। लोगों ने बताया कि गनीवां के अवर अभियंता सुनील पटेल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस व्यवस्था के तहत बारह घंटे विद्युत सप्लाई का प्राविधान है। उधर, शहर से जुड़े बेड़ी पुलिया तक के इलाके को ग्रामीण क्षेत्र होने के नाम पर यहां भी आएदिन बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। गौरतलब है कि रात में बिजली काटने से हाईवे होने की वजह से अक्सर लोग चुटहिल होते हैं और बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। रात और दिन में यहां बिजली काटने पर अवर अभियंता राजेंद्र राजपूत का एक ही जवाब रहता है, जितनी बिजली ऊपर से मिल रही है उतनी दी जा रही है।
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