{"_id":"42-180691","slug":"Chitrakoot-180691-42","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया की चपेट में आ रहे मासूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया की चपेट में आ रहे मासूम
Chitrakoot
Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। लू और आसमान से बरसती आग के थपेड़ों का असर अब लोगों पर दिखाई देने लगा है। इसके चलते डायरिया और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गर्मी में बच्चों की भी हालत खराब है। लू के चलते बच्चों को डायरिया हो रहा है। जिले के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी त्रिपाठी के यहां प्रतिदिन लगभग दो दर्जन बच्चे डायरिया की बीमारी से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं।
जिले में लू का असर काफी व्यापक रुप में हो रहा है। हालांकि दो दिनों बादलों के असर से तापमान गिरकर 40 डिग्री तक हो गया है। इसके बाद भी लोग डायरिया की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती हो रहा है। दो दिन पहले गर्मी के प्रकोप के चलते जनपद के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी त्रिपाठी के यहां डायरिया से पीड़ित काफी बच्चे भर्ती है। चिकित्सक के अनुसार प्रतिदिन डायरिया से पीड़ित दो दर्जन बच्चे प्रतिदिन आते है। रश्मि(3), आंचल(2), जेबा (2), शाहिद (1), सोनू (3) मीना (2) आदि बच्चे डायरिया से पीड़ित होकर क्लीनिक में अपना इलाज करा रहे हैं।
इनसेट
बचाव के बताए उपाय
डॉ. त्रिपाठी ने बचाव के लिए प्राथमिक उपचार बताते हुए कहा पानी गर्म कर ठंडा करने के बाद बच्चे को दें। धूप में न निकलने दें। बच्चे को लेकर बाहर जाना पड़े तो पूरी तरह से ढककर ही रखें। अगर बच्चे डायरिया से प्रभावित हो जाएं तो उन्हें ओआरएस घोल दें। तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। इसके अलावा सुपाच्य भोजन जैसे दाल का पानी, खिचड़ी खाने को दें। फलों को ठंडा करके सेवन करें। अपने मकान में तथा आसपास साफ सफाई रखें। दिन में खूब पानी पिए तथा नीबू, खीरा, ककड़ी का सेवन करें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
विज्ञापन
इनसेट-
यह न करें
-बासी भोजन व गरिष्ठ पकवानों का सेवन न करें।
-रखी हुई खोवा की मिठाइयों का इस्तेमाल न करें।
-प्रदूषित पानी व सड़क किनारे बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
-बाजार में खुले में बिक रहे कटे फलों का सेवन न करें।
-धूप में निकलना जरूरी है तो चेहरा ढककर ही निकले।
विज्ञापन
जिले में लू का असर काफी व्यापक रुप में हो रहा है। हालांकि दो दिनों बादलों के असर से तापमान गिरकर 40 डिग्री तक हो गया है। इसके बाद भी लोग डायरिया की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती हो रहा है। दो दिन पहले गर्मी के प्रकोप के चलते जनपद के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी त्रिपाठी के यहां डायरिया से पीड़ित काफी बच्चे भर्ती है। चिकित्सक के अनुसार प्रतिदिन डायरिया से पीड़ित दो दर्जन बच्चे प्रतिदिन आते है। रश्मि(3), आंचल(2), जेबा (2), शाहिद (1), सोनू (3) मीना (2) आदि बच्चे डायरिया से पीड़ित होकर क्लीनिक में अपना इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट
बचाव के बताए उपाय
डॉ. त्रिपाठी ने बचाव के लिए प्राथमिक उपचार बताते हुए कहा पानी गर्म कर ठंडा करने के बाद बच्चे को दें। धूप में न निकलने दें। बच्चे को लेकर बाहर जाना पड़े तो पूरी तरह से ढककर ही रखें। अगर बच्चे डायरिया से प्रभावित हो जाएं तो उन्हें ओआरएस घोल दें। तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। इसके अलावा सुपाच्य भोजन जैसे दाल का पानी, खिचड़ी खाने को दें। फलों को ठंडा करके सेवन करें। अपने मकान में तथा आसपास साफ सफाई रखें। दिन में खूब पानी पिए तथा नीबू, खीरा, ककड़ी का सेवन करें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
विज्ञापन
इनसेट-
यह न करें
-बासी भोजन व गरिष्ठ पकवानों का सेवन न करें।
-रखी हुई खोवा की मिठाइयों का इस्तेमाल न करें।
-प्रदूषित पानी व सड़क किनारे बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
-बाजार में खुले में बिक रहे कटे फलों का सेवन न करें।
-धूप में निकलना जरूरी है तो चेहरा ढककर ही निकले।