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Chitrakoot News: होली पर 60 स्पेशल बसें, ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को परेशानी
Mon, 02 Mar 2026 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 02 Mar 2026 11:22 PM IST
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02 सीकेटीपी-02- कर्वी चौराहा से देवांगना व पाठा क्षेत्र के यात्रियों को बैठाते डग्गामार वाहन चा
चित्रकूट। होली पर्व पर घर लौटने वाले यात्रियों के लिए परिवहन विभाग ने चित्रकूट मंडल में 60 स्पेशल बसें चलाई हैं। हालांकि, ग्रामीण रूटों पर एक भी अतिरिक्त बस नहीं मिली है। इससे गांवों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। मंडल स्तर पर महोबा और राठ डिपो को 15-15 बसें आवंटित की गईं। बांदा और हमीरपुर डिपो को 20-20 बसें मिली हैं। चित्रकूट डिपो को कोई अतिरिक्त बस नहीं दी गई। ये बसें केवल प्रमुख मार्गों जैसे प्रयागराज, महोबा, राठ और फतेहपुर पर चल रही हैं। ग्रामीण अंचल के कई रूटों पर अभी भी केवल एक-एक रोडवेज बस संचालित हो रही है। त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ने से इन बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है।
डग्गामार वाहनों का सहारा
यात्री जगदीश सिंह, ममता देवी और सुमित्रा ने बताया कि पाठा क्षेत्र में बसों की कमी है। उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ये वाहन चालक मनमाने तरीके से यात्रियों को बैठाते हैं और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं और अधिक किराया भी वसूलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। एआरएम एलके द्विवेदी ने बताया कि पेट्रोल पंप बनने के बाद ही डिपो को बसें मिलेंगी।
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यात्री जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। मंडल स्तर पर महोबा और राठ डिपो को 15-15 बसें आवंटित की गईं। बांदा और हमीरपुर डिपो को 20-20 बसें मिली हैं। चित्रकूट डिपो को कोई अतिरिक्त बस नहीं दी गई। ये बसें केवल प्रमुख मार्गों जैसे प्रयागराज, महोबा, राठ और फतेहपुर पर चल रही हैं। ग्रामीण अंचल के कई रूटों पर अभी भी केवल एक-एक रोडवेज बस संचालित हो रही है। त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ने से इन बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है।
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डग्गामार वाहनों का सहारा
यात्री जगदीश सिंह, ममता देवी और सुमित्रा ने बताया कि पाठा क्षेत्र में बसों की कमी है। उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ये वाहन चालक मनमाने तरीके से यात्रियों को बैठाते हैं और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं और अधिक किराया भी वसूलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। एआरएम एलके द्विवेदी ने बताया कि पेट्रोल पंप बनने के बाद ही डिपो को बसें मिलेंगी।
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