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गमगीन माहौल में मृत भाइयों को हुआ अंतिम संस्कार

Mon, 27 Aug 2018 11:25 PM IST
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:25 PM IST
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गमगीन माहौल में मृत भाइयों को हुआ अंतिम संस्कार
गमगीन माहौल में दोनों भाइयों को हुआ अंतिम संस्कार
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अमर उजाला फालोअप
चित्रकूट। कजली विसर्जन के दौरान मंदाकिनी नदी में डूबे दोनोें सगे भाइयों का गमगीन माहौल में उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। कई राजनीति दल के नेताओं व समाजसेवियों ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।
कोतवाली क्षेत्र के बनकट गांव के पास से बहने वाली मंदाकिनी नदी में रविवार को रक्षाबंधन के दिन कसहाई अनुसूइयापुरवा निवासी श्यामू व भानू अपनी बहन लक्ष्मी के साथ कजली विसर्जन करने गए थे। विसर्जन के बाद छोटा भाई भानू नहाने लगा और पैर फिसलने पर वह नदी में डूबने लगा यह देख बड़े भाई श्यामू ने भी छलांग लगाकर उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन दोनों की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद से अनुसुइयापुरवा में दिन भर शोक व्याप्त रहा। मृतक का परिवार मूल रूप से पहाड़ी थानाक्षेत्र के नांदी गांव का निवासी था। सोमवार पुलिस ने तड़के ही दोनों भाइयों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों की इच्छानुसार दोनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नांदी में कराया गया। दोनों के शव एक साथ चिता में रखे गए। जिसे देखकर मौजूद लोगाें की आंखें नम हो र्गइं। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने मृतक के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने भी मृत भाइयों के इकलौते बचे भाई रामू व बहन लक्ष्मी को ढांढस बंधाया।
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कोतवाल के कार्यों की सराहना
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में बहे दो भाइयों को निकालने के लिए जिस तरह मल्लाहों ने प्रशासन व मृतक के परिजनों से सौदेबाजी की उसे सबने निराशाजनक बताया है। इसके अलावा कोतवाल अनिल सिंह के जज्बे की तारीफ भी की। जब मल्लाहों ने पहले बीस हजार में युवकों को ढूंढने को कहा फिर अचानक रेट बढ़ा दिया। नदी के उस पार जाकर कई मल्लाह तीस हजार रुपये मांगने लगे। उस दौरान मौजूद सदर एसडीएम इंदुप्रकाश, अपर एसपी बलवंत चौधरी व तहसीलदार राजू वर्मा कुछ नहीं बोल पाए लेकिन कोतवाल ने दोनों भाइयों के जिंदा होने की संभावना पर तत्काल तीस हजार रुपये मल्लाहों तक पहुंचाया। उनके इस प्रयास की सबने सराहना भी की।
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