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जब शबरी ने मीठे झूठे बेर भगवान को खिलाए तो सबकी आंखे हुई नम
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शबरी ने झूठे बेर भगवान को खिलाए तो सबकी आंखें हुई नम
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की आध्यात्मिक नगरी में चल रहे राष्ट्रीय रामायण मेले में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण की लीलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। दिल्ली की टीम ने शबरी व भगवान श्रीराम के मिलन की लीला ने जो मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया कि आमजन की आंखें नम हो गईं। लखनऊ की भजन गायिका शुचिता पांडेय ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो की जब धुन सुनाई तो पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी। गंधर्व कल्चरल आर्गनाइजेशन लखनऊ के कलाकारों ने रामकथा पर आधारित भजन प्रस्तुत किए। दल नायक जगदीश शर्मा और कुणप्रिया सिंह ने युगल नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। लखनलाल यादव महोबा ने बुंदेलखंडी लोकगीत भजनों के माध्यम से वातारण को राममय बना दिया। संध्या ने भजन एवं लोकगीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। नई दिल्ली के सृजन आर्ट एवं कल्चर के ग्रुप लीडर रवि चौहान के नेतृत्व में टीम द्वारा राम जन्म से लेकर श्रीराम के राज्याभिषेक तक के प्रमुख प्रसंगों का मंचन को दर्शकों ने जमकर सराहा। वृंदावन की रास मंडली पं. देवकीनंदन के संचालकत्व में रामकथा पर आधारित रामलीला में धनुष यज्ञ का मंचन किया गया। नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष नीलम करवरिया ने भगवान की आरती कर रासलीला के इस सत्र का समापन किया। इस मौके पर रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया, प्रद्युम्न कुमार दुबे (लालू भैया), प्रिंस करवरिया, मनोज मोहन गर्ग, इम्तियाज आदि मौजूद रहे।
चित्रकूट के महान साहित्य मनीषी राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत आचार्य बाबूलाल गर्ग को राष्ट्रीय ग्रामीणांचल रामायण मेला खेरिया के प्रबंधक विमल बसंत तिवारी सहित मेले के संरक्षक संत मदनगोपाल द्वारा उन्हें शॉल सौंप व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर साहित्यकार डा. सभापति मिश्र, बुंदेलखंड के विद्यापति डा. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित तथा डा. सीताराम सिंह ‘विश्वबंधु’ आदि साहित्यकार मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की आध्यात्मिक नगरी में चल रहे राष्ट्रीय रामायण मेले में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण की लीलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। दिल्ली की टीम ने शबरी व भगवान श्रीराम के मिलन की लीला ने जो मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया कि आमजन की आंखें नम हो गईं। लखनऊ की भजन गायिका शुचिता पांडेय ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो की जब धुन सुनाई तो पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी। गंधर्व कल्चरल आर्गनाइजेशन लखनऊ के कलाकारों ने रामकथा पर आधारित भजन प्रस्तुत किए। दल नायक जगदीश शर्मा और कुणप्रिया सिंह ने युगल नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। लखनलाल यादव महोबा ने बुंदेलखंडी लोकगीत भजनों के माध्यम से वातारण को राममय बना दिया। संध्या ने भजन एवं लोकगीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। नई दिल्ली के सृजन आर्ट एवं कल्चर के ग्रुप लीडर रवि चौहान के नेतृत्व में टीम द्वारा राम जन्म से लेकर श्रीराम के राज्याभिषेक तक के प्रमुख प्रसंगों का मंचन को दर्शकों ने जमकर सराहा। वृंदावन की रास मंडली पं. देवकीनंदन के संचालकत्व में रामकथा पर आधारित रामलीला में धनुष यज्ञ का मंचन किया गया। नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष नीलम करवरिया ने भगवान की आरती कर रासलीला के इस सत्र का समापन किया। इस मौके पर रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया, प्रद्युम्न कुमार दुबे (लालू भैया), प्रिंस करवरिया, मनोज मोहन गर्ग, इम्तियाज आदि मौजूद रहे।
चित्रकूट के महान साहित्य मनीषी राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत आचार्य बाबूलाल गर्ग को राष्ट्रीय ग्रामीणांचल रामायण मेला खेरिया के प्रबंधक विमल बसंत तिवारी सहित मेले के संरक्षक संत मदनगोपाल द्वारा उन्हें शॉल सौंप व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर साहित्यकार डा. सभापति मिश्र, बुंदेलखंड के विद्यापति डा. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित तथा डा. सीताराम सिंह ‘विश्वबंधु’ आदि साहित्यकार मौजूद रहे।
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