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Chitrakoot News: दिव्यांग विवि में बनेंगे 12 नए आवास
Fri, 25 Sep 2026 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:29 PM IST
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में शिक्षकों और अधिकारियों को अब परिसर में ही आवास की सुविधा मिलेगी।
विश्वविद्यालय में टाइप-2 के 12 नए आवासों के निर्माण को शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 6.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से शिक्षकों और अधिकारियों के लिए परिसर में आवास की कमी महसूस की जा रही थी। कई शिक्षक और कर्मचारी बाहर से आकर ड्यूटी करते हैं, जिससे समय और संसाधन दोनों की खपत होती है।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जो विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करता है। 604.97 लाख रुपये की इस परियोजना के तहत बनने वाले 12 आवास आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। आवास एवं विकास परिषद को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
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वर्जन
आवासीय सुविधा मिलने से नए शिक्षकों को आकर्षित करने में भी आसानी होगी और विश्वविद्यालय के विकास को नई गति मिलेगी।- डॉ. शिशिर कुमार पांडेय, कुलपति।
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विश्वविद्यालय में टाइप-2 के 12 नए आवासों के निर्माण को शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 6.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से शिक्षकों और अधिकारियों के लिए परिसर में आवास की कमी महसूस की जा रही थी। कई शिक्षक और कर्मचारी बाहर से आकर ड्यूटी करते हैं, जिससे समय और संसाधन दोनों की खपत होती है।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जो विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करता है। 604.97 लाख रुपये की इस परियोजना के तहत बनने वाले 12 आवास आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। आवास एवं विकास परिषद को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
आवासीय सुविधा मिलने से नए शिक्षकों को आकर्षित करने में भी आसानी होगी और विश्वविद्यालय के विकास को नई गति मिलेगी।- डॉ. शिशिर कुमार पांडेय, कुलपति।