लालगंज। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शनिवार को शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत की प्रांतीय टोली की नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा बैठक आयोजित हुई। शुभारंभ प्रदेश निरीक्षक राम सिंह और संभाग निरीक्षक बलिया कन्हैया लाल चौबे ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्पार्चन कर किया।
प्रांत संयोजक भानु प्रताप त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया। प्रदेश निरीक्षक राम सिंह ने कहा कि विद्या भारती के पांच आधारभूत विषयों में नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति का आधार है। इसके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सच्चाई, ईमानदारी और अच्छे संस्कार विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि सद्व्यवहार, स्वावलंबन, शिष्टाचार, राष्ट्रीयता और आध्यात्मिकता का विकास ही विद्या भारती के विद्यालयों की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि कर्मेंद्रियों और ज्ञानेंद्रियों पर नियंत्रण रखना ही संयम है। आहार और वाणी संयम के पालन से शरीर की प्राण ऊर्जा को सुरक्षित रखा जा सकता है। ध्यान, धारणा, उपासना और प्राणायाम से समयनिष्ठा, दायित्वबोध, साहस, स्वाध्याय और अनुशासन की भावना विकसित होती है। बैठक तीन सत्रों में हुई। पहले सत्र में प्रदेश निरीक्षक का उद्बोधन हुआ। दूसरे सत्र में प्रांत की कार्ययोजना तैयार की गई, जबकि तीसरे सत्र में संभाग निरीक्षक कन्हैया लाल चौबे के सानिध्य में आगामी संकुल की रूपरेखा तय की गई। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास से कार्य में सफलता मिलती है। सभी अपने दायित्वों का सुचारू रूप से निर्वहन करें तो परिणाम बेहतर होंगे। बैठक में सह प्रांत संयोजक अविनाश श्रीवास्तव सहित पांचों संकुल के संकुल प्रमुख और सह संकुल प्रमुख उपस्थित रहे। आभार प्रांत संयोजक ने व्यक्त किया। अंत में कल्याण मंत्र के साथ बैठक का समापन हुआ।