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Chandauli News: 12 करोड़ खर्च के बाद भी काम अधूरा, मंत्री ने सिंचाई अधिकारियों को लगाई फटकार
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चकिया चंद्रप्रभा बांध पर रात में निरीक्षण करते सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पटेल। संवाद
शिकारगंज। चंद्रप्रभा बांध परियोजना पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी काम अधूरा है। सुलूस गेट से पानी रिसाव की शिकायत पर सोमवार देर शाम जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कमियों को तत्काल दूर कराने और कार्य में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
रविवार को वाराणसी सर्किट हाउस में भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जल शक्ति मंत्री से मुलाकात की थी। किसानों ने चंद्रप्रभा बांध परियोजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद काम पूरा नहीं होने और सुलूस गेट से लगातार पानी निकलने की शिकायत की थी। किसानों ने बांध की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सोमवार शाम विधायक कैलाश आचार्य, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग और विभागीय अधिकारियों के साथ चंद्रप्रभा बांध पहुंचे। उन्होंने बांध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति, गेटों की स्थिति और जल निकासी व्यवस्था की जानकारी ली।
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करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना का काम अधूरा मिलने पर मंत्री ने अधिकारियों से अब तक हुए और शेष कार्य की जानकारी ली। सुलूस गेट से पानी रिसाव की शिकायत पर मौके की स्थिति देखी और अधिकारियों से जवाब मांगा। सहायक अभियंता ऋषभ राय को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने और परियोजना की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि बांध और सिंचाई परियोजनाओं की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी कमियों को चिह्नित कर स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई सुविधा में परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एसडीएम विकास मित्तल, विधायक कैलाश आचार्य सहित सिंचाई विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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रविवार को वाराणसी सर्किट हाउस में भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जल शक्ति मंत्री से मुलाकात की थी। किसानों ने चंद्रप्रभा बांध परियोजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद काम पूरा नहीं होने और सुलूस गेट से लगातार पानी निकलने की शिकायत की थी। किसानों ने बांध की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सोमवार शाम विधायक कैलाश आचार्य, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग और विभागीय अधिकारियों के साथ चंद्रप्रभा बांध पहुंचे। उन्होंने बांध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति, गेटों की स्थिति और जल निकासी व्यवस्था की जानकारी ली।
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करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना का काम अधूरा मिलने पर मंत्री ने अधिकारियों से अब तक हुए और शेष कार्य की जानकारी ली। सुलूस गेट से पानी रिसाव की शिकायत पर मौके की स्थिति देखी और अधिकारियों से जवाब मांगा। सहायक अभियंता ऋषभ राय को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने और परियोजना की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि बांध और सिंचाई परियोजनाओं की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी कमियों को चिह्नित कर स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई सुविधा में परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एसडीएम विकास मित्तल, विधायक कैलाश आचार्य सहित सिंचाई विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।