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पौधशाला स्थित कमरे में मृत हाल में मिला वाचर
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इलिया। चकिया कोतवाली क्षेत्र कें गांधीनगर गांव के समीप स्थित राजपथ रेंज के पौधशाला में वाचर अवध नारायण यादव (54) का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
शहाबगंजथाना क्षेत्र के रसिया गांव निवासी अवध नारायण यादव पिछले चार दशक से वनविभाग में दैनिक वेतन भोगी के रूप में वाचर थे। जिनकी ड्यूटी लंबे समय से गांधीनगर गांव के समीप स्थित राजपथ रेंज के पौधशाला में लगी थी। मंगलवार की शाम घर से खाना खाने के बाद वे रात्रि में पौधशाला आए हुए थे और वहीं कमरे में सो गये।
बुधवार की सुबह जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार वालों ने उनके मोबाइल पर फोन किया। मोबाइल पर बात नहीं होने पर उनका पुत्र सोनू पौधशाला स्थित कमरे में पहुंचा लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। बाद में अन्य लोगों के सहयोग से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अवध नारायण मृत हाल में चौकी पर पड़े मिले। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंची पत्नी इंद्रावती देवी तथा पुत्री परमशीला का रो-रोकर जहां बुरा हाल हो गया है। मृतक के तीन पुत्रसोनू, मोनू, शमशेर तथा तीन पुत्रियां सीमा, रीमा, परमशीला हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस शव को थाने ले आई। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी दिनेश सिंह मौके पर पहुंचकर परिजनों को आर्थिक सहायता दी वहीं पिता के स्थान पर एक पुत्र को नौकरी देने का आश्वासन दिया। कोतवाल मुकेश कुमार ने बताया कि शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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शहाबगंजथाना क्षेत्र के रसिया गांव निवासी अवध नारायण यादव पिछले चार दशक से वनविभाग में दैनिक वेतन भोगी के रूप में वाचर थे। जिनकी ड्यूटी लंबे समय से गांधीनगर गांव के समीप स्थित राजपथ रेंज के पौधशाला में लगी थी। मंगलवार की शाम घर से खाना खाने के बाद वे रात्रि में पौधशाला आए हुए थे और वहीं कमरे में सो गये।
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बुधवार की सुबह जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार वालों ने उनके मोबाइल पर फोन किया। मोबाइल पर बात नहीं होने पर उनका पुत्र सोनू पौधशाला स्थित कमरे में पहुंचा लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। बाद में अन्य लोगों के सहयोग से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अवध नारायण मृत हाल में चौकी पर पड़े मिले। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंची पत्नी इंद्रावती देवी तथा पुत्री परमशीला का रो-रोकर जहां बुरा हाल हो गया है। मृतक के तीन पुत्रसोनू, मोनू, शमशेर तथा तीन पुत्रियां सीमा, रीमा, परमशीला हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस शव को थाने ले आई। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी दिनेश सिंह मौके पर पहुंचकर परिजनों को आर्थिक सहायता दी वहीं पिता के स्थान पर एक पुत्र को नौकरी देने का आश्वासन दिया। कोतवाल मुकेश कुमार ने बताया कि शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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