{"_id":"6aa45b2fbf6c67d7970e409e","slug":"two-roads-will-be-built-from-barwadih-to-sonbhadra-at-a-cost-of-rs-160-crore-chandauli-news-c-189-1-svns1011-154446-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: बरवाडीह सोनभद्र तक 1.60 करोड़ रुपये बनेंगी दो सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: बरवाडीह सोनभद्र तक 1.60 करोड़ रुपये बनेंगी दो सड़कें
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर/नौगढ़। चकिया विकास खंड के बरवाडीह गांव से सोनभद्र जाना-आना अब आसान होगा। गांव से सोनभद्र के लिए दो सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। एक सड़क बरवाडीह मेन मार्केट से और दूसरी गांव के पीछे स्थित माइनर से सोनभद्र तक बनाई जाएगी।
एक-एक किमी की दोनों सड़कों के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड ने 1.60 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है।
बरवाडीह गांव सोनभद्र की सीमा के करीब स्थित है। आसपास के गांवों के लिए प्रतिदिन सोनभद्र आते-जाते हैं।
गांव से सोनभद्र तक जाने के लिए दोनों सड़कें कच्ची होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात में सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाने से आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
आसपास के अन्य गांवों के लोग और व्यापारी भी इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के बाद दोनों मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है।
विज्ञापन
वहीं जंगल क्षेत्र होने के कारण बरसात और अन्य दिनों में जंगली जानवरों के आने का खतरा भी बना रहता है। सड़कें पक्की होने से ग्रामीणों के साथ राहगीरों और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
एक-एक किमी की दोनों सड़कों के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड ने 1.60 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है।
बरवाडीह गांव सोनभद्र की सीमा के करीब स्थित है। आसपास के गांवों के लिए प्रतिदिन सोनभद्र आते-जाते हैं।
गांव से सोनभद्र तक जाने के लिए दोनों सड़कें कच्ची होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात में सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा हो जाने से आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
आसपास के अन्य गांवों के लोग और व्यापारी भी इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के बाद दोनों मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है।
विज्ञापन
वहीं जंगल क्षेत्र होने के कारण बरसात और अन्य दिनों में जंगली जानवरों के आने का खतरा भी बना रहता है। सड़कें पक्की होने से ग्रामीणों के साथ राहगीरों और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।