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व्यापारियों ने जीएसटी का किया विरोध
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 25 Jul 2016 01:53 AM IST
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ज्ञापन सौंपते जिले के व्यापारी।
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जिले के व्यापारियों का एक दल रविवार को मुख्यालय स्थित भाजपा संसदीय कार्यालय पहुंचा और जीएसटी बिल के विरोध में वहां केंद्रीय राज्यमंत्री महेंद्रनाथ पांडेय के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा और राणा प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने बिल को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि जीएसटी बिल पूरी तरह से व्यापारी विरोधी है।
व्यापारियों ने कहा कि व्यापारियों का शोषण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीएसटी बिल के मुताबिक खाद्य निरीक्षकों को असीमित अधिकार दिए जाने की व्यवस्था है। ऐसे में यदि यह बिल लागू हो जाता है तो कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारियों को छोटी से छोटी गलती होने पर भी गिरफ्तार कर जेल भेज सकता है। इसके अतिरिक्त वह अपने अधिकार का इस्तेमाल कर जुर्माना लगाने के नाम पर व्यापारियों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर सकते है। जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस कानून के तहत व्यापारियों को एक से लेकर पांच वर्ष तक जेल भेजने की व्यवस्था है। जो व्यापारियों के लिए फांसी के समान है। व्यापारियों ने पत्रक सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा ने व्यापारियों से कहा कि उनकी मांगों को राज्यमंत्री तक पहुंचाने के साथ ही व्यापारी के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान लक्ष्मीकांत अग्रहरि, प्रदीप, मनोज, शिवजी, राहुल, भरत, कृष्णा, कमलेश आदि मौजूद रहे।
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व्यापारियों ने कहा कि व्यापारियों का शोषण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीएसटी बिल के मुताबिक खाद्य निरीक्षकों को असीमित अधिकार दिए जाने की व्यवस्था है। ऐसे में यदि यह बिल लागू हो जाता है तो कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारियों को छोटी से छोटी गलती होने पर भी गिरफ्तार कर जेल भेज सकता है। इसके अतिरिक्त वह अपने अधिकार का इस्तेमाल कर जुर्माना लगाने के नाम पर व्यापारियों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर सकते है। जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस कानून के तहत व्यापारियों को एक से लेकर पांच वर्ष तक जेल भेजने की व्यवस्था है। जो व्यापारियों के लिए फांसी के समान है। व्यापारियों ने पत्रक सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा ने व्यापारियों से कहा कि उनकी मांगों को राज्यमंत्री तक पहुंचाने के साथ ही व्यापारी के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान लक्ष्मीकांत अग्रहरि, प्रदीप, मनोज, शिवजी, राहुल, भरत, कृष्णा, कमलेश आदि मौजूद रहे।
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