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चार घंटे तक हुई बरसात
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:28 AM IST
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मुगलसराय बस स्टैंड में भरा कीचड़।
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बुधवार की सुबह चार घंटे तक जिले में झमाझम बारिश हुई। इससे गर्मी से परेशान लोगों को जहां राहत मिली वहीं फसलों को भी संजीवनी मिली है। शहरी इलाकों में बरसात की वजह से सड़कों और गलियों में पानी भर गया और कीचड़ के चलते लोगों को परेशानी हुई।
एक माह पूर्व गंगा के उफान के चलते पूरे जिले मे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई और किसानोंकी फसलें बर्बाद हो गई थी। गंगा के तटवर्ती इलाकों में जहां फसलें बर्बाद हुई, उसे छोड़ कर अन्य इलाकों में धान की फसल पानी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंचने लगी। हालांकि बीच बीच में बारिश हुई लेकिन भरपूर बारिश न होने से किसान परेशान होने लगे। इस बीच बुधवार की सुबह से आसमान में काले बादल छा गए और सुबह आठ बजे बारिश शुरू हुई। लगभग चार घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से खेतों में फिर से पानी भर गया। इससे धान की फसलों को जीवनदान मिला है। किसान उमेश सिंह, योगेन्द्र सिंह, रामजी, महेन्द्र आदि ने बताया कि धान की फसलों को पानी की आवश्यकता थी और बारिश से किसानों को राहत मिली है। वहीं लोगों को उमस भरी चिपचिपाती गर्मी से राहत मिली। दूसरी तरफ नगरीय इलाकों मे जल जमाव की अच्छी व्यवस्था न होने से चहुंओर जल जमाव की स्थिति रही।
नगर में कैलाशपुरी, रविनगर, चतुर्भुजपुर, काली महाल, महमूदपुर, नई बस्ती सहित अन्य इलाकों में जल जमाव की स्थिति हुई। कोतवाली के सामने जीटी रोड के किनारे जल जमाव हुआ। नगर के सटे अमोघपुर सर्वाधिक दिक्कत तो रेलवे कालोनियों में हुई। नगर के मानसनगर, लोको कालोनी, सेंट्रल कालोनी, पुलिस कालोनी, गया कालोनी, शास्त्री कालोनी, आरपीएफ कालोनी आदि में जल जमाव हुआ।
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एक माह पूर्व गंगा के उफान के चलते पूरे जिले मे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई और किसानोंकी फसलें बर्बाद हो गई थी। गंगा के तटवर्ती इलाकों में जहां फसलें बर्बाद हुई, उसे छोड़ कर अन्य इलाकों में धान की फसल पानी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंचने लगी। हालांकि बीच बीच में बारिश हुई लेकिन भरपूर बारिश न होने से किसान परेशान होने लगे। इस बीच बुधवार की सुबह से आसमान में काले बादल छा गए और सुबह आठ बजे बारिश शुरू हुई। लगभग चार घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से खेतों में फिर से पानी भर गया। इससे धान की फसलों को जीवनदान मिला है। किसान उमेश सिंह, योगेन्द्र सिंह, रामजी, महेन्द्र आदि ने बताया कि धान की फसलों को पानी की आवश्यकता थी और बारिश से किसानों को राहत मिली है। वहीं लोगों को उमस भरी चिपचिपाती गर्मी से राहत मिली। दूसरी तरफ नगरीय इलाकों मे जल जमाव की अच्छी व्यवस्था न होने से चहुंओर जल जमाव की स्थिति रही।
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नगर में कैलाशपुरी, रविनगर, चतुर्भुजपुर, काली महाल, महमूदपुर, नई बस्ती सहित अन्य इलाकों में जल जमाव की स्थिति हुई। कोतवाली के सामने जीटी रोड के किनारे जल जमाव हुआ। नगर के सटे अमोघपुर सर्वाधिक दिक्कत तो रेलवे कालोनियों में हुई। नगर के मानसनगर, लोको कालोनी, सेंट्रल कालोनी, पुलिस कालोनी, गया कालोनी, शास्त्री कालोनी, आरपीएफ कालोनी आदि में जल जमाव हुआ।
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