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सीएचसी में मुकम्मल इलाज नहीं, बढ़ रहे डायरिया के मरीज
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क्षेत्र के श्रीकांतपुर, पांड़ेयपुर मिल्की व डेढ़वलिया में डायरिया मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पास के सरकारी अस्पताल में मुकम्मल इलाज न मिलने के कारण लोगों में नाराजगी है और निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही व सुस्ती का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों की मानें तो धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने के बाद जो मरीज वापस आते हैं, उन सबकी तबियत पुन: बिगड़ी है और सभी ने निजी अस्पतालों की ओर रुख किया है। अस्पताल प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही के कारण बीमार लोग समय से ठीक नहीं हो रहे हैं। कई मरीजों को सीएचसी में पानी चढ़ाया गया, लेकिन घर आते ही पुन: हालत खराब हो गई।
ग्रामीणों का दर्द
श्रीकांतपुर निवासी चम्मा खरवार (70) ने बताया कि उल्टी व दस्त की शिकायत के बाद रविवार को सुबह परिजनों नें धानापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डाक्टरों ने दो से तीन घंटे तक अपने पास रखा। पानी चढ़ाए, इसके बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। विवश होकर निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुसुम देवी (55) ने कहा कि धानापुर सीएचसी पर जानें के बाद डाक्टरों ने दो बोतल पानी चढ़ाया। थोड़ी सी राहत मिलते ही घर वापस भेज दिया। जहां घर पहुंचने के दो घंटे बाद हालत और गंभीर होने पर परिवार के लोग सकलडीहा में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दीपू कनौजिया (10) ने कहा कि तीन घंटे बाद छोड़ दिया गया। वापस आते ही उल्टी, दस्त शुरू हो गई। ऐसे में निजी अस्पताल गए। शिवम खरवार (18) ने कहा कि दो से तीन घंटे तक दवा चलाने के बाद घर भेज दिया गया। डाक्टरों ने कहा कि कल आना, जैसे ही घर पहुंचे पुन: तबियत बिगड़ गई। इसके पहले एक ही परिवार के पति-पत्नी किशोरीकांत व मांड़वी सहित उनकी बेटियां गीतांजली (18) व अंजली (15) ने कहा कि शनिवार को माता-पिता की तबियत बिगड़ा तो धानापुर सीएचसी के डाक्टरों ने दो से तीन घंटे रोककर घर जाने के लिए कह दिया। श्रीकांतपुर के ग्राम प्रधान रामप्रवेश त्रिपाठी ने कहा कि धानापुर सीएचसी पर लापरवाही के संबंध में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह को भी अवगत कराया गया है।
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डायरिया के मद्देनजर पहले से ही डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। जो गांव-गांव जाकर ऐसे मरीजों का समुचित इलाज और चिकित्सकीय सलाह दे रही है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर इलाज की प्रर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. वी.पी. द्विवेदी, सीएमओ
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ग्रामीणों की मानें तो धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने के बाद जो मरीज वापस आते हैं, उन सबकी तबियत पुन: बिगड़ी है और सभी ने निजी अस्पतालों की ओर रुख किया है। अस्पताल प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही के कारण बीमार लोग समय से ठीक नहीं हो रहे हैं। कई मरीजों को सीएचसी में पानी चढ़ाया गया, लेकिन घर आते ही पुन: हालत खराब हो गई।
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ग्रामीणों का दर्द
श्रीकांतपुर निवासी चम्मा खरवार (70) ने बताया कि उल्टी व दस्त की शिकायत के बाद रविवार को सुबह परिजनों नें धानापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डाक्टरों ने दो से तीन घंटे तक अपने पास रखा। पानी चढ़ाए, इसके बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। विवश होकर निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुसुम देवी (55) ने कहा कि धानापुर सीएचसी पर जानें के बाद डाक्टरों ने दो बोतल पानी चढ़ाया। थोड़ी सी राहत मिलते ही घर वापस भेज दिया। जहां घर पहुंचने के दो घंटे बाद हालत और गंभीर होने पर परिवार के लोग सकलडीहा में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दीपू कनौजिया (10) ने कहा कि तीन घंटे बाद छोड़ दिया गया। वापस आते ही उल्टी, दस्त शुरू हो गई। ऐसे में निजी अस्पताल गए। शिवम खरवार (18) ने कहा कि दो से तीन घंटे तक दवा चलाने के बाद घर भेज दिया गया। डाक्टरों ने कहा कि कल आना, जैसे ही घर पहुंचे पुन: तबियत बिगड़ गई। इसके पहले एक ही परिवार के पति-पत्नी किशोरीकांत व मांड़वी सहित उनकी बेटियां गीतांजली (18) व अंजली (15) ने कहा कि शनिवार को माता-पिता की तबियत बिगड़ा तो धानापुर सीएचसी के डाक्टरों ने दो से तीन घंटे रोककर घर जाने के लिए कह दिया। श्रीकांतपुर के ग्राम प्रधान रामप्रवेश त्रिपाठी ने कहा कि धानापुर सीएचसी पर लापरवाही के संबंध में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह को भी अवगत कराया गया है।
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डायरिया के मद्देनजर पहले से ही डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। जो गांव-गांव जाकर ऐसे मरीजों का समुचित इलाज और चिकित्सकीय सलाह दे रही है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर इलाज की प्रर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. वी.पी. द्विवेदी, सीएमओ