पडा़व। वाणिज्य एंव विदेश व्यापार विभाग के सहयोग से शुक्रवार को स्थानीय कटेसर स्थित एक होटल में आयोजित वाणिज्य उत्सव एक्सपोर्टस कॉनक्लेव में कमिश्नर वाराणसी दीपक अग्रवाल ने कहा कि चंदौली जिले में कला की भरमार है। उसे संवारने की जरूरत है। यहां के सामान की विदेशों में अत्यधिक डिमांड है। सामान निर्यात कर जिले को समृद्धशाली बनाया जा सकता है। वहीं डीएम ने बताया कि जल्द ही दस करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय पर विशिष्ट डिस्प्ले सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यहां उत्पादक अपने सामान की प्रदर्शनी लगा सकेंगे। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ सामान निर्यात है। कहा कि चंदौली जिले में उद्योग धंधों की भरमार है। बस उसे संवारने की जरूरत है। उद्यमी सामान की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान दें। वाराणसी में पैकेजिंग सेंटर की स्थापना की जा चुकी है। यहां के उद्यमी इसका लाभ ले सकते हैं। नवंबर माह में फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, इसमें जिले के उद्यमी भी अपने प्रोडक्ट को डिस्प्ले कर सकते हैं। डीएम संजीव कुमार और एसपी अमित कुमार ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को तेजी से खत्म किया जाएगा। कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने भौगोलिक संकेतक से संबंधित उत्पादों के बारे में उद्यमियों को विस्तार से जानकारी दी। बताया कि वाराणसी के 8 जीआई उत्पादों में चंदौली का नाम भी शामिल है। नए जीआई उत्पादों में चंदौली का जरी जरदोजी भी शामिल हो रहा है। जल्द ही उसे भौगोलिक संकेतक मिल जाएगा। कार्यक्रम में डॉयरेक्टर जनरल फॉरेन ट्रेड, सिडबी के एजीएम और ईसीजीसी विभाग ने अपने विभाग की योजनाएं बताई। इसके पूर्व हैंडीक्राफ्ट ,काला चावल, सोलर लाइट, पत्थर के मूर्ति आदि सामानों के बीस स्टाल सजाए गए। इस अवसर पर आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य, रामनगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा, उपायुक्त उद्योग गौरव मिश्रा, संयुक्त उद्योग उमेश सिंह, मुरलीधर महतो, सीबी सिंह अरोड़ा, नितिन जालान, जगदीश, चंद्रशेखर रहे।