धानापुर। सितारा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित छह दिवसीय ऑनलाइन गायन कार्यशाला के अंतिम दिन शास्त्रीय कलाकार एवं गुरु पं. सत्यशील देशपांडेय ने विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत की सौंदर्य एवं श्रृंगारिकता से पूर्ण बंदिशों का ज्ञान दिया। प्रशिक्षक गुरु ने राग बसंत में ऽकिहि आशा अटकी रह्यौऽ बंदिश से कार्यशाला की शुरूआत की। उन्होनें राग बिहाग, राग रामदासी मल्हार एवं राग गौड़मल्हार रागों में बंदिशों का रखाव-भराव, तानों का कहन-चलन एवं सौंदर्यता को गायन में किस प्रकार दर्शाया जाए, इसके बारे में बताया। सितारा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित छह दिवसीय ऑनलाइन गायन कार्यशाला में पहले तीन दिवस भाव संगीत पर आधारित रहे। इसमें प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत घोषाल ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने भाव संगीत में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न तकनीकी एवं अलंकरणों को बहुत ही सहजता से समझाया। संस्था के संस्थापक डॉ. कुमार अंबरीष चंचल एवं सचिव किरण चंचल के निर्देशन में आयोजित शिविर में 180 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्रा, पद्मश्री पं. राजेश्वर आचार्य, प्रो. राजेश शाह, प्रो. संगीता पंडित, प्रो. शारदा वेलेंकर, प्रो. शशि कुमार, डॉ. रामशंकर , श्याम कुमारी, डॉ मेघना कुमार, लावण्या कीर्ति सिंह, संस्थापक सदस्य जेपी रावत, एल.उमाशंकर सिंह, रवि मिश्रा रहे। संचालन तनुश्री रॉय ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुमार अम्बरीष चंचल ने किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. विधि नागरने किया।