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Chandauli News: भरकर ले गए थे बदमाश, व्यापारी ने बताई व्यथा
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नौ दिनों तक लापता रहे कस्बा के व्यापारी सुमित रस्तोगी ने पुलिस को बताया कि वह तगादा के लिए 29 मार्च को बाजार में निकला था। टिमिलपुरा के पास चार-पांच बदमाशों ने उसे पकड़कर जबरन कार में बैठा लिया और उसका हाथ, पैर, मुंह बांध कर उसे बोरे में बंद कर दिया। एक सुनसान स्थान पर ले जाकर रखा। पुलिस के दबाव की वजह से छोड़कर भागे। उसने कस्बे के ही कुछ लोगों पर दुश्मनी की बात कही है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
कस्बा निवासी व्यापारी नेता प्रेमशंकर रस्तोगी का बड़ा पुत्र सुमित रस्तोगी (32) कोल्ड ड्रिंक का काम करता था। 29 मार्च को घर से तगादा के लिए निकला था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए। 30 मार्च की सुबह टिमिलपुर के एक दुकान से उसका मोबाइल और संघती रिंग रोड के पास उसकी बाइक बरामद हुई तो परिजन अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए थे। परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस की टीम युवक का लोकेशन व बरामदगी में जुट गई थी। इसको लेकर व्यापारियों ने थाने पर प्रदर्शन किया। वहीं पांच अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे बबुरी पुलिस ने थाना क्षेत्र मे मवैया गांव के समीप सड़क किनारे व्यापारी को अचेतावस्था में बरामद किया और चिकित्सक को दिखाने के बाद सकलडीहा पुलिस को सौंप दिया। बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद देर रात सकलडीहा पुलिस ने व्यापारी को उसके घर पर छोड़ा। व्यापारी के आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
वहीं सकलडीहा थाना प्रभारी विमलेश कुमार मौर्या ने बताया कि व्यापारी ने पूछताछ में बताया कि 29 मार्च की शाम को सात बजे सकलडीहा के टिमिलपुरा से कार से आए चार-पांच लोगों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया। हांथ,पैर, मुंह बांधकर बोरे में भर दिया। जिसके बाद काफी तेजी से गाड़ी चली और एक सुनसान जगह पर जाकर रूकी। वहीं उसे नौ दिनों तक रखा गया। इस दौरान उसके आंखों की पट्टी नहीं खुली थी। इधर पुलिस की दबाव की वजह से बदमाशों ने उसे बबुरी के मवैया में पांच अप्रैल को छोड़ दिए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक ने कस्बे के ही कुछ लोगों पर इस साजिश का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। सच सामने आने पर खुलासा किया जाएगा।
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कस्बा निवासी व्यापारी नेता प्रेमशंकर रस्तोगी का बड़ा पुत्र सुमित रस्तोगी (32) कोल्ड ड्रिंक का काम करता था। 29 मार्च को घर से तगादा के लिए निकला था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए। 30 मार्च की सुबह टिमिलपुर के एक दुकान से उसका मोबाइल और संघती रिंग रोड के पास उसकी बाइक बरामद हुई तो परिजन अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए थे। परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस की टीम युवक का लोकेशन व बरामदगी में जुट गई थी। इसको लेकर व्यापारियों ने थाने पर प्रदर्शन किया। वहीं पांच अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे बबुरी पुलिस ने थाना क्षेत्र मे मवैया गांव के समीप सड़क किनारे व्यापारी को अचेतावस्था में बरामद किया और चिकित्सक को दिखाने के बाद सकलडीहा पुलिस को सौंप दिया। बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद देर रात सकलडीहा पुलिस ने व्यापारी को उसके घर पर छोड़ा। व्यापारी के आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
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वहीं सकलडीहा थाना प्रभारी विमलेश कुमार मौर्या ने बताया कि व्यापारी ने पूछताछ में बताया कि 29 मार्च की शाम को सात बजे सकलडीहा के टिमिलपुरा से कार से आए चार-पांच लोगों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया। हांथ,पैर, मुंह बांधकर बोरे में भर दिया। जिसके बाद काफी तेजी से गाड़ी चली और एक सुनसान जगह पर जाकर रूकी। वहीं उसे नौ दिनों तक रखा गया। इस दौरान उसके आंखों की पट्टी नहीं खुली थी। इधर पुलिस की दबाव की वजह से बदमाशों ने उसे बबुरी के मवैया में पांच अप्रैल को छोड़ दिए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक ने कस्बे के ही कुछ लोगों पर इस साजिश का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। सच सामने आने पर खुलासा किया जाएगा।
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