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कर्ज माफी के लिए किया प्रदर्शन
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 26 Dec 2016 01:36 AM IST
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प्रदर्शन करती ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाएं।
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जनपद के नियामताबाद और सदर विकास खंड के विभिन्न गांवों से आई ग्रामीण महिलाओं ने रविवार को मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर धरना- प्रदर्शन किया। इस दौरान माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा ऋण अदायगी के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया और मांग किया कि माइक्रो फाइनेंस कर्मियों के कर्मियों को उत्पीड़न करने से रोकने के साथ ही ऋण को माफ किया जाए।अंत में जिला प्रशासन को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, महिला आयोग व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न गांव की महिला समूहों ने अलग-अलग माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों से 15 हजार से लगायत 20 हजार रुपये तक का ऋण ले रखा है। इन पैसों से महिलाएं गांव में ही छोटा-मोटा कुटीर उद्योग स्थापित कर परिवार की आजीविका चलाती हैं। महिलाएं नियमित रूप से कम्पनी के नियमानुसार किस्त की अदायगी कर रही थीं, लेकिन इसी बीच भारत सरकार द्वारा नोटबंदी कर दी गयी। सरकार के इस निर्णय से हम सभी ग्रामीण महिलाओं का कामकाज पूरी तरह से चौपट हो गया है। हमारे समक्ष इस कदर आर्थिक संकट पैदा हो गया है कि परिवार का पेट भरने के लिए मोहताज हो गई हैं। मांग किया कि महिलाओं के ऊपर बकाया कर्ज का माफ किया जाए। साथ ही माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के कर्मियों पर भी नकेल कसी जाए। इस दौरान राजमनी, गिरजा, पुष्पा, सुशीला, सुनीता, मंजू, गीता, दुर्गावती, तारा, लक्ष्मी, सावित्री, कलावती, पार्वती, उषा, सुनीता, रूचि आदि उपस्थित रहीं।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न गांव की महिला समूहों ने अलग-अलग माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों से 15 हजार से लगायत 20 हजार रुपये तक का ऋण ले रखा है। इन पैसों से महिलाएं गांव में ही छोटा-मोटा कुटीर उद्योग स्थापित कर परिवार की आजीविका चलाती हैं। महिलाएं नियमित रूप से कम्पनी के नियमानुसार किस्त की अदायगी कर रही थीं, लेकिन इसी बीच भारत सरकार द्वारा नोटबंदी कर दी गयी। सरकार के इस निर्णय से हम सभी ग्रामीण महिलाओं का कामकाज पूरी तरह से चौपट हो गया है। हमारे समक्ष इस कदर आर्थिक संकट पैदा हो गया है कि परिवार का पेट भरने के लिए मोहताज हो गई हैं। मांग किया कि महिलाओं के ऊपर बकाया कर्ज का माफ किया जाए। साथ ही माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के कर्मियों पर भी नकेल कसी जाए। इस दौरान राजमनी, गिरजा, पुष्पा, सुशीला, सुनीता, मंजू, गीता, दुर्गावती, तारा, लक्ष्मी, सावित्री, कलावती, पार्वती, उषा, सुनीता, रूचि आदि उपस्थित रहीं।
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