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देश सेवा ही सीआरपीएफ का उद्देश्य-डीआईजी
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दुलहीपुर स्थित ग्रुप सेंटर में परेड की सलामी लेते डीआईजी दर्शनलाल गोला।
- फोटो : CHANDAULI
देश सेवा ही सीआरपीएफ का उद्देश्य-डीआईजी
ग्रुप सेंटर पर मनाया गया स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
दुलहीपुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 82वीं वर्षगांठ सोमवार को दुलहीपुर स्थित ग्रुप सेंटरपर मनाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीआईजी दर्शन लाल गोला ने कहा कि सीआरपीएफ का उद्देश्य देश सेवा है। देश की सीमा हो या किसी आपात स्थिति में हर वक्त अपने कर्तव्य को निभाने के लिए तैयार है। यह देश की सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल है। इसकी ड्यूटी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को ही इसकी स्थापना मध्य प्रदेश के नीमच में की गई थी। इस मौके पर डीआईजी ने ग्रुप सेंटर चंदौली के 9 जवानों को अति उत्कृष्ट व आठ लोगों उत्कृष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने परेड की सलामी भी ली। वहीं कमांडेंट रामलखन ने कहा कि सीआरपीएफ किसी भी परिस्थिति में देश सेवा के लिए सदैव तत्पर है। राष्ट्र रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि देश सेवा के साथ-साथ इस कोरोना काल में भी जवानों ने सामाजिक सेवा का फर्ज निभाया। जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। मास्क का वितरण किया गया। साथ ही ग्रुप सेंटर के आसपास गांवों के लोगों को जागरूक किया गया। ताकि लोग दूरी बनाकर रहें और सक्रमण से बचें। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते स्थापना दिवस सामान्य तरीके से सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए मनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
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ग्रुप सेंटर पर मनाया गया स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
दुलहीपुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 82वीं वर्षगांठ सोमवार को दुलहीपुर स्थित ग्रुप सेंटरपर मनाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीआईजी दर्शन लाल गोला ने कहा कि सीआरपीएफ का उद्देश्य देश सेवा है। देश की सीमा हो या किसी आपात स्थिति में हर वक्त अपने कर्तव्य को निभाने के लिए तैयार है। यह देश की सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल है। इसकी ड्यूटी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को ही इसकी स्थापना मध्य प्रदेश के नीमच में की गई थी। इस मौके पर डीआईजी ने ग्रुप सेंटर चंदौली के 9 जवानों को अति उत्कृष्ट व आठ लोगों उत्कृष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने परेड की सलामी भी ली। वहीं कमांडेंट रामलखन ने कहा कि सीआरपीएफ किसी भी परिस्थिति में देश सेवा के लिए सदैव तत्पर है। राष्ट्र रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि देश सेवा के साथ-साथ इस कोरोना काल में भी जवानों ने सामाजिक सेवा का फर्ज निभाया। जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। मास्क का वितरण किया गया। साथ ही ग्रुप सेंटर के आसपास गांवों के लोगों को जागरूक किया गया। ताकि लोग दूरी बनाकर रहें और सक्रमण से बचें। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते स्थापना दिवस सामान्य तरीके से सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए मनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।