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जनता की सुविधाओं के लिए हैं लोक अदालत
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:38 AM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय महाविद्यालय के परिसर में बैंकों की ओर से प्रीलीटीगेशन लोक अदालत का आयोजन किया गया। बैंकों ने 644 वादों का निस्तारण कर एक करोड़ 42 लाख रुपए की वसूली की गई।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का आयोजन गरीब जनता के सुविधाओं के लिए किया जाता है। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार द्वारा 4 वाद, परिवार न्यायाधीश एस एन त्रिपाठी ने 4 वाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र राय ने 115 वाद निस्तारित कर 96350 रुपया जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने 6 वाद निस्तारित कर 650 रुपया जुर्माना, सिविल जज सीनियर डिविजन आदित्य चतुर्वेदी ने 21 वाद निस्तारित कर 8263894.95 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय के लाल ने 80 वाद निस्तारित कर 9880 रुपये, अपर सिविल जज जूनियर डिविजज अविनाश कुमार सिंह ने 62 वाद निस्तारित कर 11000 रुपये जुर्माना, सिविल जज जूनियर डिविजन अजय कुमार सिंह ने 58 वाद निस्तारित कर 20100 रुपया जुर्माना वसूल किया। उपजिलाधिकारी सदर ने 25 फौजदारी वाद निस्तारित किया। वहीं विभिन्न बैंकों ने कुल 644 खाता निस्तारित कर 14268428 रुपए नकद वसूल किया और 47582238.47 लाख रुपये का समझौता हुआ।
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जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का आयोजन गरीब जनता के सुविधाओं के लिए किया जाता है। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार द्वारा 4 वाद, परिवार न्यायाधीश एस एन त्रिपाठी ने 4 वाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र राय ने 115 वाद निस्तारित कर 96350 रुपया जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने 6 वाद निस्तारित कर 650 रुपया जुर्माना, सिविल जज सीनियर डिविजन आदित्य चतुर्वेदी ने 21 वाद निस्तारित कर 8263894.95 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय के लाल ने 80 वाद निस्तारित कर 9880 रुपये, अपर सिविल जज जूनियर डिविजज अविनाश कुमार सिंह ने 62 वाद निस्तारित कर 11000 रुपये जुर्माना, सिविल जज जूनियर डिविजन अजय कुमार सिंह ने 58 वाद निस्तारित कर 20100 रुपया जुर्माना वसूल किया। उपजिलाधिकारी सदर ने 25 फौजदारी वाद निस्तारित किया। वहीं विभिन्न बैंकों ने कुल 644 खाता निस्तारित कर 14268428 रुपए नकद वसूल किया और 47582238.47 लाख रुपये का समझौता हुआ।
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