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गर्मी दिखाने लगी तेवर, पारा पहुंचा 40 डिग्री पर
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पीडीडीयू नगर/शिकारगंज। गर्मी तेवर दिखाने लगी है। आलम यह है कि मार्च माह में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। सुबह से ही तेज धूप के चलते लोगों का घरों से निकलना बंद हो गया है। सुबह से शाम तक सड़कों पर सन्नाटा छा जा रहा है। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग धूप से बचने का इंतजाम कर घरों से निकल रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। वहीं खेती किसानी के लिए इस मौसम को अनुकूल बताया जा रहा है।
मार्च माह बीतने के साथ गर्मी भी बढ़ती जा रही है। सुबह से ही निकलने वाली तीखी धूप लोगों के पांव थाम दे रही है। राह चलते लोग छांव की तलाश में भटक रहे हैं। धूप के कारण पशु-पक्षी भी सुरक्षित ठिकाना तलाश कर दोपहर काट रहे हैं। सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशु दिनभर नहीं दिख रहे।
फसलों को होगा फायदा
वहीं जानकारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से रबी की फसलों को फायदा होगा। गेहूं, सरसों, चना आदि तेजी से पकने आरंभ हो जाएंगे। हालांकि तापमान बढ़ने से क्षेत्र के पठारी इलाकों में पशुओं की परेशानी बढ़ेगी। उनके सामने चारा व पानी का संकट उत्पन्न हो सकता है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पशुओं को दिन में दो से तीन बार पानी अवश्य पिलाएं। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी में गन्ने की फसल को सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। किसान समय-समय पर फसलों की सिंचाई आवश्यक रूप से करते रहें। तापमान बढ़ने से फसल में रोग व कीटों के प्रकोप की संभावना बढ़ जाता है।
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सावधानी बरतें
चिकित्सक डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कहा कि गर्मी के कारण वायरस जनित रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है।
धूप में निकलते समय छाते का प्रयोग करें। टोपी लगाएं या फिर सिर को ढककर रखें। बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पिएं। कोल्ड ड्रिंक की बजाए देसी शीतल पेय नींबू की शिकंजी व फलों के रस का सेवन करें। तकलीफ महसूस होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
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मार्च माह बीतने के साथ गर्मी भी बढ़ती जा रही है। सुबह से ही निकलने वाली तीखी धूप लोगों के पांव थाम दे रही है। राह चलते लोग छांव की तलाश में भटक रहे हैं। धूप के कारण पशु-पक्षी भी सुरक्षित ठिकाना तलाश कर दोपहर काट रहे हैं। सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशु दिनभर नहीं दिख रहे।
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फसलों को होगा फायदा
वहीं जानकारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से रबी की फसलों को फायदा होगा। गेहूं, सरसों, चना आदि तेजी से पकने आरंभ हो जाएंगे। हालांकि तापमान बढ़ने से क्षेत्र के पठारी इलाकों में पशुओं की परेशानी बढ़ेगी। उनके सामने चारा व पानी का संकट उत्पन्न हो सकता है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पशुओं को दिन में दो से तीन बार पानी अवश्य पिलाएं। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी में गन्ने की फसल को सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। किसान समय-समय पर फसलों की सिंचाई आवश्यक रूप से करते रहें। तापमान बढ़ने से फसल में रोग व कीटों के प्रकोप की संभावना बढ़ जाता है।
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सावधानी बरतें
चिकित्सक डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कहा कि गर्मी के कारण वायरस जनित रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है।
धूप में निकलते समय छाते का प्रयोग करें। टोपी लगाएं या फिर सिर को ढककर रखें। बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पिएं। कोल्ड ड्रिंक की बजाए देसी शीतल पेय नींबू की शिकंजी व फलों के रस का सेवन करें। तकलीफ महसूस होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।