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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   The ghats and the foreheads of the devotees shine with the vermillion glow of the sun's evening.

Chandauli News: रवि की सांझ सिंदुरी आभा से दमके घाट और व्रतियों के ललाट

Mon, 20 Nov 2023 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:08 AM IST
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The ghats and the foreheads of the devotees shine with the vermillion glow of the sun's evening.
पीडीडीयू नगर। लोक आस्था का महापर्व डाला छठ पर रविवार को गंगा के 32 घाटों के साथ 65 तालाब और बीस अन्य जलाशयों पर चार लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। पचास हजार व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दूध और जल से प्रथम अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान मनोकामना पूर्ति होने पर व्रती महिलाएं घर से घाट तक दंडवत करते हुए पहुंची। कांच ही कांच की बहंगिया बहंगी लचकत जाए, मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा जइहें मुरछाए आदि गीतों से तट सुरभित हो गए। सोमवार को उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं 36 घंटे के व्रत का पारण करेंगी। शाम पांच बजे सूर्य की सिंदुरी आभा से घाट और व्रतियों के ललाट दमक उठे। आस्था के रंग छा गए।
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नगर के जीटीआर ब्रिज के नीचे मानसरोवर तालाब, नई बस्ती स्थित दामोदरदास पोखरा, आरपीएफ कॉलोनी स्थित मालगोदाम पोखरा, छित्तमपुर पोखरा, अलीनगर स्थित रामजानकी पोखरा पर दोपहर दो बजे के बाद से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। महिलाएं और पुरुष नए वस्त्र पहन कर पूरे परिवार के साथ नंगे पैर सरोवर, नदी तटों पर पहुंचे। विभिन्न इलाकों से व्रती बैंडबाजा के साथ् सरोवर पर पहुंचे। घर के पुरुष सदस्य सिर पर फलों का दउरा और बच्चे किशोर कांधे पर गन्ना रखकर चलते नजर आए। महिलाएं, किशोरियां हाथों में कलश लेकर गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। घाटों पर पहुंच कर व्रतियों ने फलों की टोकरी, सूप, रखे। इसके बाद घाट पर वेदी की पूजा अर्चना की और कलश स्थापित कर सरोवर में गन्ने का मंडप बनाया और धूप, दीप, फूल माला से पूजा अर्चना की। इसके बाद जल में उतरी और कमर भर पानी होने पर खड़े होकर भगवान भास्कर के अस्त होने का इंतजार किया। जैसे ही सूर्य ने लालिमा बिखेरी लोगों ने जयकारे के साथ दूध, जल से अर्घ्य अर्पित किया। पूूजा समिति के सदस्यों ने व्रतियो को अर्घ्य के लिए दूध और जल उपलब्ध कराए। व्रतियों के परिवार वालों के साथ आस पड़ोस के लोगों ने भी अर्घ्य दिलाकर पुण्य लाभ कमाया। अर्घ्य देने और पूजन अर्चन के बाद व्रती कलश लेकर गीत गाते हुए घर वापस लौट गई। कुछ महिलाएं घाट पर ही सुबह अर्घ्य देने के लिए रुक गई। वह सोमवार की सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
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02. ग्रामीण क्षेत्रों में छठ पर्व की धूम
पीडीडीयू नगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डाला छठ पर सरोवर तटों पर अर्घ्य देने वालों की भीड़ उमड़ी। गीत गाती महिलाएं तालाब, गंगा नदी के
तटों पर पहुंची और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर मंगल कामना की। इस मौके पर स्वयं सेवी संगठनों ने घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था कर रखी थी। शहाबगंज में लोक आस्था के महापर्व छठ की छटा देखने के लिए रविवार की शाम को क्षेत्र के विभिन्न तालाबों व नदी के किनारे श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। स्थानीय कर्मनाशा नदी के तट पर तथा क्षेत्र के अताय, मुरकौल, तियरा, ठेकहां, मचवल, करनौल, लटाव, नौडीहा, एकौना, अमरसीपुर, भुसीकृतपुरवां, भोड़सर, मसोई, पहाड़पुर आदि गांवों में स्थित तालाबों-नहरों के किनारे स्थित घाट पर बनी वेदी तक गाजे-बाजे के साथ पहुंची। उन्होंने पूजा-पाठ करने के बाद डूबते सूरज की पूजा की व अर्घ्य दिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। इलिया कस्बा, कलानी, बेन, खिलची, बरियारपुर, उसरी, सरैया, खरौझा मगरौर आदि गांवों में व्रती महिलाएं दिन में तीन बजे ही पोखरा, तालाब, सरोवर पर जाकर पूजा अर्चना की। नियामताबाद विकास खंड के बौरी, गोधना, रेमा, सरने, पांडेयपुर, एकौनी, चंदरखा, रंगौली, कठौड़ी, बरहुली, लौंदा, महदेऊर, पचोखर आदि गांवों में लोगों ने अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य दिया। चहनिया के पश्चिमी वाहिनी बलुआ तट पर व्रतियों ने अर्घ्य दिया। क्षेत्र के टांडाकला, तिरगांवा, मारूफपुर, महुअरकला, पूरा गनेश, नादी निधौरा, सैफपुर, रामगढ़ बलुआ, कांवर सहित तटवर्ती इलाकों में गंगा तट पर व्रतियों की भीड़ पहुंची। इसके साथ ही भलेहटा, प्रभुपर, मोहरगंज, रमौली, सुरतापुर, अमिलाई, रानेपुर आदि गांव के तालाबों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। धानापुर क्षेत्र के नरौली और अमादपुर गंगा घाट पर व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। पड़ाव मेें डाला छठ के अवसर छठ पर डाला छठ पूजन में व्रती महिलाएं अपने परिवार संग शक्ति घाट अवधूत भगवान राम समाधि स्थल डुमरी घाट पर पहुंची। यहां उन्होंने सूर्य को अर्घ्य देकरपरिवार के सुख की मंगल कामना। चकिया शिकारगंज स्थित मां काली मंदिर के पोखरे, सिकंदरपुर पोखरे, शिकारगंज पोखरे के साथ चंद्रप्रभा, कर्मनाशा नदियों बांध बंधियो के किनारे और गांवो में स्थित अमृत सरोवर तालाबो पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। छठ महापर्व के अवसर पर चकिया नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो सिकन्दरपुर, शिकारगंज, सैदूपुर, मुजफ्फरपुर, हेतिमपुर, जागेश्वरनाथ धाम में व्रती महिलाओ एवं उनके परिजनो ने अखंड दीपक, फल-फूल, मिष्ठान सूप, दौरी में लेकर गाजे-बाजे के साथ तालाबो, पोखरो, नहरो नदियो के किनारे पहुंचे और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।
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इनसेट-
रेलवे सुरक्षा बल ने व्रतियों की सहायता
सचित्र-
पीडीडीयू नगर। रेलवे सुरक्षा बल डीडीयू पोस्ट और यार्ड पोस्ट ने मानसरोवर तालाब और आरपीएएफ कॉलोनी स्थित मालगोदाम पोखरा पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सहायता की। नेतृत्व मंडल सुरक्षा अधिकारी जेथिन बी राज ने किया।

इनसेट-
सहायता शिविरो का किया उद्घाटन
चकिया। विधायक कैलाश आचार्य ने रविवार को मां काली पोखरे पर जय मां काली सेवा समिति सहदुल्लापुर और युगांधर सेवा समिति के सहायता शिविर का उद्घाटन किया। इस मौके पर पूर्व विधायक शारदा प्रसाद, चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह, डॉ. गीता शुक्ला, अभिषेक मिश्रा, डॉ. प्रदीप मौर्या, विकास मद्धेशिया, रंजीत सिह, गुरूदेव चौहान उपस्थित रहे।
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