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Chandauli News: 3.28 करोड़ से हुई बोरिंग 5 साल में ही सूखी, अब 18 लाख फिर होंगे खर्च

Wed, 29 Apr 2026 01:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:40 AM IST
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The boring that cost 32.8 million dried up in just 5 years, now 1.8 million will be spent again
पड़ाव के डोमरी में ध्वस्त बोरिंग। संवाद
पड़ाव। सूजाबाद वार्ड के डोमरी क्षेत्र में 5 साल पहले 3.28 करोड़ से हुई बोरिंग बीते 7 अप्रैल को सूख गई। इससे एक हजार घरों के पांच हजार लोगों को परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन अब क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपूर्ति करा रहा है। बोरिंग कैसे सूख गई अब इसकी जांच की जा रही है। गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में पेयजल की समस्या को देखते हुए जल निगम ने पांच साल पहले डोमरी में पानी टंकी का निर्माण कराया था। बोरिंग के बाद गांव में पाइप लाइन बिछाई गई। अप्रैल 2021 से पानी की आपूर्ति शुरू की गई। इससे लोगों को दूषित पानी से छुटकारा मिल गया था। इस साल सात अप्रैल को अचानक पानी आना बंद हो गया। पहले कर्मचारियों को लगा कि मोटर खराब है। जब मोटर की जांच हुई तो वह ठीक मिला। फिर जांच की गई तो पता चला कि बोरिंग ही सूख गई है। इससे पानी ही नहीं निकल रहा है। इस समय जनपद का तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। इस कारण लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। पेयजल और दिनचर्या के लिए स्थानीय लोग हैंडपंप के सहारे हैं। जल निगम के जेई ने बताया कि जहां बोरिंग हुई है उससे कुछ दूरी पर 18 लाख रुपये से दूसरी बोरिंग कराई जाएगी। उम्मीद है कि 20 मई से पानी की आपूर्ति बहाल होगी।
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बोरिंग क्यों ध्वस्त हुई है, इसकी जांच की जा रही है। कम क्षमता की बोरिंग पर अधिक पानी निकासी, जलस्तर की कमी, मोटर को ठीक से नहीं चलाना सहित कई कारण हो सकते हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट कारणों का पता चलेगा। - पवन कुमार, जेई, जल निगम
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जरा ग्रामीणों की भी सुनें
भीषण गर्मी में बोरिंग खराब होना हम लोगों के लिए परेशानी का सबब है। पेयजल और दिनचर्या के लिए एक बार फिर लोगों को हैंडपंप पर आश्रित होना पड़ रहा है। कब तक पानी की आपूर्ति शुरू होगी इसका पता नहीं है। - संजय सेठ, डोमरी
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यदि हम कोई काम करते हैं, तो उसका पूरा हिसाब रखते हैं। दूसरी ओर विभाग के पास इंजीनियरों की टीम है। बावजूद इसके करोड़ों रुपये खर्च करके कराए गए बोरिंग का सूखना विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा कर रहा है। विभाग की नाकामी का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। - संतोष पटेल, डोमरी

भीषण गर्मी में एकाएक बोरिंग ध्वस्त होना लोगों की समस्या को बढ़ा रहा है। स्थिति यह है कि पानी की बूंद-बूंद के लिए यहां लाेग परेशान हैं। विभाग के लोगों को समय से इसका हल ढूंढना चाहिए। - छेदी स्वामी, डोमरी


बोरिंग ध्वस्त होने के कारण क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बाधित है। लोगों की समस्या को देखते हुए आठ टैंकर लगाकर पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। दूसरी बोरिंग हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल हो जाएगी। - मालू पटेल
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