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Chandauli News: कारखाने में फंंदे से लटकता मिला बुनकर का शव
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दुलहीपुर। मुगलसराय कोतवाली के दुलहीपुर गांव के शकूर का भट्ठा मोहल्ले में मंगलवार की शाम पावरलूम कारखाने में बुनकर शफीकुर्रहमान (46) का शव रेशम के धागे से बने फंदे से लटकता हुआ मिला। दो माह से पावरलूम कारखाना बंद होने और पारिवारिक कलह से शफीकुर्रहमान परेशान थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वाराणसी के जैतपुरा निवासी शफीकुर्रहमान ने पांच साल पहले अपना मकान बेचकर शकूर का भट्ठा मोहल्ले में दो मंजिला मकान बनवाया था। मकान के निचले हिस्से में दो पावरलूम का कारखाना लगाए और दूसरे फ्लोर पर परिवार के साथ रहते थे। सोमवार की शाम वे खाना खाकर अपने कारखाने में सोने चले गए। मंगलवार को वे खाना खाने नहीं पहुंचे। ऐसे में दोपहर बाद बड़ा बेटा नीचे आकर खाना खाने के लिए बुलाने आया। यहां कारखाना अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर जवाब नहीं मिला तो बगल में खिड़की से झांक कर देखा तो उसके पिता का शव फंदे से लटकता मिला। यह देख वह चीखने चिल्लाने लगा। चीख पुकार सुनकर आस-पास के लोग पहुंच गए। किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। यहां शफीकुर्रहमान का छत के गार्डर में रेशम की रस्सी का फंदा बनाकर उसके सहारे लटकता दिखा। परिवार के लोगों ने बताया कि दो माह से पावरलूम बंद होने के कारण वे आर्थिक तंगी से परेशान रहे। बिजली का बिल और घर के खर्च के लिए भी परेशानी थी। शफीकुर्रहमान की मौत से पत्नी रहीसा बीबी, चार बच्चे वैस (18), आसिफा (15), अजमल (10) और सिहाव (4) का रो रोकर बुरा हाल हो गया। मुगलसराय कोतवाल गगन कुमार सिंह ने बताया कि पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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वाराणसी के जैतपुरा निवासी शफीकुर्रहमान ने पांच साल पहले अपना मकान बेचकर शकूर का भट्ठा मोहल्ले में दो मंजिला मकान बनवाया था। मकान के निचले हिस्से में दो पावरलूम का कारखाना लगाए और दूसरे फ्लोर पर परिवार के साथ रहते थे। सोमवार की शाम वे खाना खाकर अपने कारखाने में सोने चले गए। मंगलवार को वे खाना खाने नहीं पहुंचे। ऐसे में दोपहर बाद बड़ा बेटा नीचे आकर खाना खाने के लिए बुलाने आया। यहां कारखाना अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर जवाब नहीं मिला तो बगल में खिड़की से झांक कर देखा तो उसके पिता का शव फंदे से लटकता मिला। यह देख वह चीखने चिल्लाने लगा। चीख पुकार सुनकर आस-पास के लोग पहुंच गए। किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। यहां शफीकुर्रहमान का छत के गार्डर में रेशम की रस्सी का फंदा बनाकर उसके सहारे लटकता दिखा। परिवार के लोगों ने बताया कि दो माह से पावरलूम बंद होने के कारण वे आर्थिक तंगी से परेशान रहे। बिजली का बिल और घर के खर्च के लिए भी परेशानी थी। शफीकुर्रहमान की मौत से पत्नी रहीसा बीबी, चार बच्चे वैस (18), आसिफा (15), अजमल (10) और सिहाव (4) का रो रोकर बुरा हाल हो गया। मुगलसराय कोतवाल गगन कुमार सिंह ने बताया कि पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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