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Chandauli News: 70 साल पुराने इंटर कॉलेज का भवन हुआ जर्जर, सुरक्षा कारणों से बंद कराई गईं आठ कक्षाएं
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अमरवीर इंटर कॉलेज के जर्जर भवन की छत। संवाद
- फोटो : गंध कुटी में पूजा करते थाइलैंड के अनुयायी।
धानापुर। 70 साल पुराने अमरवीर इंटर कॉलेज का भवन जर्जर हो गया है। सुरक्षा के कारणों से आठ कक्षाएं बंद करा दी गई हैं। यह जानकारी प्रधानाचार्य अजय शेखर सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि आजादी की लड़ाई में अगस्त क्रांति के वीर सपूतों की स्मृति में वर्ष 1949 में स्थापित अमरवीर इंटर कॉलेज की शुरुआत एक झोपड़ी से की गई। वर्ष 1965 में इसके भवन का निर्माण हुआ। आज इसकी हालत जर्जर हो गई है। कस्बा स्थित यह ऐतिहासिक कॉलेज कभी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ हुआ करता था, लेकिन लंबे समय से रखरखाव के अभाव में इसका भवन अब जर्जर हो गए हैं। छतें टपकती हैं। प्लास्टर उखड़ गए हैं। हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
अमरवीर इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1949 में ओदरा के रहने वाले बाबू रामनरेश सिंह व क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने की थी। यहां के पढ़े हुए कई छात्र पढ़कर ऊंचे और बड़े पदों पर पहुंच गए हैं। वहीं कॉलेज की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। विद्यालय के बरामदे और कक्षाओं की छतें गिरने लगी हैं। दीवारों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसी कारण विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ कमरों में कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया है।
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वर्जन
भवन के मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए विद्यालय के पास कोष नहीं है। प्रबंधकीय विवाद भी लंबे समय से चल रहा है। कहा कि जब तक प्रबंधन स्तर व जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रयास नहीं होगा, समाधान निकलना मुश्किल है।
अजय शेखर सिंह, प्रधानाचार्य
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उन्होंने बताया कि आजादी की लड़ाई में अगस्त क्रांति के वीर सपूतों की स्मृति में वर्ष 1949 में स्थापित अमरवीर इंटर कॉलेज की शुरुआत एक झोपड़ी से की गई। वर्ष 1965 में इसके भवन का निर्माण हुआ। आज इसकी हालत जर्जर हो गई है। कस्बा स्थित यह ऐतिहासिक कॉलेज कभी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ हुआ करता था, लेकिन लंबे समय से रखरखाव के अभाव में इसका भवन अब जर्जर हो गए हैं। छतें टपकती हैं। प्लास्टर उखड़ गए हैं। हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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अमरवीर इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1949 में ओदरा के रहने वाले बाबू रामनरेश सिंह व क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने की थी। यहां के पढ़े हुए कई छात्र पढ़कर ऊंचे और बड़े पदों पर पहुंच गए हैं। वहीं कॉलेज की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। विद्यालय के बरामदे और कक्षाओं की छतें गिरने लगी हैं। दीवारों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसी कारण विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ कमरों में कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया है।
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भवन के मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए विद्यालय के पास कोष नहीं है। प्रबंधकीय विवाद भी लंबे समय से चल रहा है। कहा कि जब तक प्रबंधन स्तर व जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रयास नहीं होगा, समाधान निकलना मुश्किल है।
अजय शेखर सिंह, प्रधानाचार्य

अमरवीर इंटर कॉलेज के जर्जर भवन की छत। संवाद- फोटो : गंध कुटी में पूजा करते थाइलैंड के अनुयायी।