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लोगों ने चखा प्रसाद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:40 AM IST
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नगर के काली महाल मुहल्ले में स्थित मां काली मंदिर पर वार्षिक शृंगार के
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दूसरे भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें नगर के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद
ग्रहण किया।
इस दौरान मां के खूब जयकारे लगाए गए। पूरा मुहल्ला मां के जयकारे से गूंजता रहा।
मां काली मंदिर पर दो दिवसीय वार्षिक शृंगार की शुरूआत मंगलवार को कलश यात्रा के साथ हुई थी। मां की विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद रात में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
इसमें नामी गिरामी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों से लोगों को रसासिक्त किया। बुधवार की सुबह से भंडारे की तैयारी शुरू हो गई। पहले मंदिर पर मां का भव्य शृंगार किया गया और पूजा अर्चन के बाद आरती उतारी गई। इसके बाद दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर बारह बजे से भंडारे की शुरूआत हुई।
शाहकुटी रोड को घेर कर चल रहे भंडारा में लोगों ने जाति, पाति, ऊंच नीच का भेद भाव भूलकर एक पंक्ति में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लाउड स्पीकर पर भक्तिगीतों का प्रसारण किया गया।
इससे माहौल भक्तिमय बना रहा। दोपहर से शुरू हुआ भंडारे का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पूजारी राकेश पांडेय ने बताया कि प्रति वर्ष इसी दिन शृंगार किया जाता है।
इस दौरान मां के खूब जयकारे लगाए गए। पूरा मुहल्ला मां के जयकारे से गूंजता रहा।
मां काली मंदिर पर दो दिवसीय वार्षिक शृंगार की शुरूआत मंगलवार को कलश यात्रा के साथ हुई थी। मां की विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद रात में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
इसमें नामी गिरामी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों से लोगों को रसासिक्त किया। बुधवार की सुबह से भंडारे की तैयारी शुरू हो गई। पहले मंदिर पर मां का भव्य शृंगार किया गया और पूजा अर्चन के बाद आरती उतारी गई। इसके बाद दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर बारह बजे से भंडारे की शुरूआत हुई।
शाहकुटी रोड को घेर कर चल रहे भंडारा में लोगों ने जाति, पाति, ऊंच नीच का भेद भाव भूलकर एक पंक्ति में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लाउड स्पीकर पर भक्तिगीतों का प्रसारण किया गया।
इससे माहौल भक्तिमय बना रहा। दोपहर से शुरू हुआ भंडारे का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पूजारी राकेश पांडेय ने बताया कि प्रति वर्ष इसी दिन शृंगार किया जाता है।