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वन कर्मियों ने पकड़ा मगरमच्छ
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 22 Aug 2016 01:45 AM IST
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छोड़ने पहुंचे वनकर्मी।
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कोतवाली क्षेत्र के भीषमपुर गांव में रविवार को धान के खेत में भटक कर मगरमच्छ आ गया। ग्रामीणों ने इसको देखा तो इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से मगर को पकड़ा और उसे चंद्रप्रभा बांध में छोड़ दिया।
चंद्रप्रभा नदी के किनारे विजयपुरवां गांव के दो व्यक्तियों को पिछले दिनों मगर द्वारा शिकार बनाये जाने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर वन विभाग सक्रिय था। लेकिन मगरमच्छ पकड़ा नहीं जा सका था। रविवार की सुबह धान के खेत में मगरमच्छ दिखाई देने से गांव में सनसनी फैल गई। ं ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सात फीट लंबे मगरमच्छ को प्लास्टिक की रस्सियों के सहारे बांध कर अपने काबू में कर लिया। पकड़े गए मगरमच्छ को चकिया रेंज कार्यालय परिसर में लाया गया। जहां अभिलेखीय कार्यवाही पूर्ण कर मगरमच्छ को चंद्रप्रभा वन्यजीव बिहार में स्थित चंद्रप्रभा बांध में छोड़ दिया गया। इस दौरान चकिया रेंजर तारा शंकर यादव, राजपथ रेंजर नंदलाल कुशवाहा के साथ अन्य वन कर्मी थे।
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चंद्रप्रभा नदी के किनारे विजयपुरवां गांव के दो व्यक्तियों को पिछले दिनों मगर द्वारा शिकार बनाये जाने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर वन विभाग सक्रिय था। लेकिन मगरमच्छ पकड़ा नहीं जा सका था। रविवार की सुबह धान के खेत में मगरमच्छ दिखाई देने से गांव में सनसनी फैल गई। ं ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सात फीट लंबे मगरमच्छ को प्लास्टिक की रस्सियों के सहारे बांध कर अपने काबू में कर लिया। पकड़े गए मगरमच्छ को चकिया रेंज कार्यालय परिसर में लाया गया। जहां अभिलेखीय कार्यवाही पूर्ण कर मगरमच्छ को चंद्रप्रभा वन्यजीव बिहार में स्थित चंद्रप्रभा बांध में छोड़ दिया गया। इस दौरान चकिया रेंजर तारा शंकर यादव, राजपथ रेंजर नंदलाल कुशवाहा के साथ अन्य वन कर्मी थे।
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