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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Special story of relief emerges from biogas plant amidst gas cylinder crisis in Ekouni village at Chandauli

आत्मनिर्भरता: गैस संकट के बीच राहत की कहानी, चार साल से 124 घरों में गोबर गैस से पक रहा भोजन

Tue, 07 Apr 2026 12:15 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 07 Apr 2026 12:15 PM IST
सार

Chandauli News: गैस सिलिंडर संकट के बीच चंदौली जिले के एकोनी गांव में लोग राहत की सांस ले रहे हैं। यहां न एलपीजी सिलिंडर की जरूरत है और न किसी को बुकिंग के लिए एजेंसी का चक्कर लगाना है। वजह ये है कि यहां पिछले चार साल से 124 घरों में गोबर गैस से भोजन पक रहा है। 

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Special story of relief emerges from biogas plant amidst gas cylinder crisis in Ekouni village at Chandauli
गोबर गैस से बन रहा भोजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान और इस्राइल, अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत हो रही है। चंदौली जिले में बुकिंग के 10  दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी तरफ नियमताबाद ब्लॉक का एकोनी गांव इस संकट से पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रहा है। गांव में स्थापित गोबर गैस प्लांट ने यहां के 124 घरों की रसोई को सुचारु रूप से चलाने का जिम्मा संभाल रखा है।

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गांव निवासी चंद्रप्रकाश सिंह ने शिक्षा पूरी करने के बाद गांव में गोशाला का निर्माण कराया। नंद गोशाला साफ एनर्जी और टाटा के संयुक्त प्रयास से यहां गोबर गैस प्लांट स्थापित कराया। इस प्लांट से गांव के 124 परिवार के घरों में पाइप लाइन से आपूर्ति शुरू की गई। इसके बाद गांव के लोगों ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिया। इसके बाद से आज तक सभी घरों में नियमित गैस की आपूर्ति हो रही है। 
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गैस सिलिंडर संकट के बीच गैस आपूर्ति कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग के लिए 25 दिन, दो सिलिंडर वालों के लिए 35 दिन और उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को 45 दिन बाद बुकिंग का नियम बना दिया। यही नहीं बुकिंग होने के 10 दिन बाद लोगों के घर में सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। इससे लोग रसोई चलाने के लिए परेशान हैं। दूसरी तरफ एकौनी गांव के लोग पूरी तरह निश्चिंत नजर आ रहे हैं। इनको देख कर अन्य गांवों में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने की मांग होने लगी है।

लोग बोले  

गोबर गैस प्लांट से नियमित गैस की आपूर्ति हो रही है। गोबर गैस की लागत एलपीजी सिलिंडर से सस्ता है। -मनोज कुमार सिंह

अब हम लोगों को एलपीजी की जरूरत नहीं है। एलपीजी सिलिंडर गैस से गोबर गैस सस्ती है। एक महीने का 500 रुपये से कम खर्च होता है। रोटी भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। -अमित सिंह

गोबर गैस प्लांट से सभी परिवार में पाइप लाइन से दूसरे तल पर भी गोबर गैस की आपूर्ति हो रही है। किसी को सिलिंडर की जरूरत नहीं है। -नरेंद्र सिंह

प्लांट के संचालक बोले
आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत उर्जा की है। युद्ध ने दिखा दिया है कि दूसरे देश पर निर्भरता कितनी खतरनाक है। यदि हर गांव में गोबर गैस प्लांट बना दिया जाए तो रसोई गैस की किल्लत ही खत्म हो जाएगी। -प्रह्लाद सिंह

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