{"_id":"8f192bfdcef7c248da27b89fde769b0f","slug":"soma-singing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमा का गायन सबके मन भाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमा का गायन सबके मन भाया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Tue, 09 Feb 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनबीम स्कूल मुगलसराय परिसर में सोमवार को शास्त्रीय संगीत गायिका डा. सोमा घोष का गायन सुन लोग मुग्ध हो गए।
बनारस कोकिला सोमा विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में भाग लेने यहां पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों को संगीत की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसके बाद शास्त्रीय संगीत गायिका सोमा ने अपना गायन प्रस्तुत कर लोगों को प्रभावित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में विद्यमान कलाओं में संगीत कला का विशेष महत्व है।
यहां संगीत का अस्तित्व इतिहास के सभी कालखंडों में देखने को मिलता है।
संगीत की उत्पत्ति वेदों से हुई है। विद्यालय की निदेशिका श्वेता कनूडिया ने कहा कि डा. सोमा घोष काशी की ही नहीं वरन पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने अपनी गायकी से पूरी दुनिया में भारतीय संगीत परंपरा को एक अलग पहचान दिलाई है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. शैलेश सिंघल ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता से दूर होती जा रही वर्तमान पीढ़ी के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में विद्यालय के सेक्रेटरी यदुराज कनूडिया, स्पिक मैके वाराणसी के संयोजक एसपी सिंह, हेड मिस्ट्रेस स्मृति खन्ना, शैक्षणिक सलाहकार जेपीसी पाठक व बच्चे मौजूद रहे।
विज्ञापन
बनारस कोकिला सोमा विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में भाग लेने यहां पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों को संगीत की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसके बाद शास्त्रीय संगीत गायिका सोमा ने अपना गायन प्रस्तुत कर लोगों को प्रभावित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में विद्यमान कलाओं में संगीत कला का विशेष महत्व है।
यहां संगीत का अस्तित्व इतिहास के सभी कालखंडों में देखने को मिलता है।
संगीत की उत्पत्ति वेदों से हुई है। विद्यालय की निदेशिका श्वेता कनूडिया ने कहा कि डा. सोमा घोष काशी की ही नहीं वरन पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने अपनी गायकी से पूरी दुनिया में भारतीय संगीत परंपरा को एक अलग पहचान दिलाई है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. शैलेश सिंघल ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता से दूर होती जा रही वर्तमान पीढ़ी के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में विद्यालय के सेक्रेटरी यदुराज कनूडिया, स्पिक मैके वाराणसी के संयोजक एसपी सिंह, हेड मिस्ट्रेस स्मृति खन्ना, शैक्षणिक सलाहकार जेपीसी पाठक व बच्चे मौजूद रहे।