पीडीडीयू नगर। कैलाशपुरी स्थित गुरुद्वारा के सामने मंगलवार को सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुनदेव महाराज का शहीदी दिवस मनाया गया। इस मौके सिख समुदाय के लोगों ने गुरू को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी शहादत को नमन किया। साथ ही कच्ची लस्सी व चने से बने प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन भी हुआ।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महामंत्री नरेंद्र पालसिंह ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से गुरुद्वारा बंद होने की वजह से गुरुद्वारा परिसरमें कोई प्रोग्राम नहीं हो सका। सिर्फ सेवादार व ग्रंथी ने अरदास की। गुरुद्वारा के बाहर ठंडी लस्सी व चने से बने प्रसाद का स्टॉल लगाकर वितरण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं व राहगीरों ने ठंडी लस्सी एवं घुघनी का प्रसाद ग्रहण किया। कमेटी के महामंत्री ने बताया कि धर्म परिवर्तन करने के लिए मुगल शासकों ने गुरु अर्जुनदेव महाराज पर कई जुल्म किए। उन्हें गर्म तवे के ऊपर बैठाकर प्रचंड गर्मी में गर्म बालू उनके नंगे बदन पर लगातार डाला गया। साथ ही तवे के नीचे भीआग भी जलाई। बावजूद इसके अर्जुनदेव ने अपना धर्म नहीं छोड़ा। इस मौके पर मंजीत सिंह जुनेजा, रिंकू, हैप्पी सिंह, गोल्डी, डिंपल सिंह, शम्मी सिंह मौजूद रहे।