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शारदीय नवरात्र: आदि शक्ति की स्तुति कर सुख-समृद्धि की कामना की
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पीडीडीयू नगर जीटी रोड स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में दर्शन पूजन करती महिलाएं।
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। शक्ति उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों पर दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। देवी मंदिरों पर माता के जयकारे गूंजे। शक्ति उपासकों ने विधि-विधान से माता के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा कर अभिष्ट की कामना की। वहीं अभिजीत मुहुर्त में भक्तों ने घरों में कलश स्थापित कर नौ दिनों के लिए माता का आह्वान किया। घरों में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ किया। इसके पहले देवी मंदिरों को विद्युत झालर और फूल माला से सजाया गया।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पिछले सात माह से किसी पर्व को अच्छे से मनाने की इजाजत नहीं मिली। वासंतिक नवरात्र में भी मंदिर बंद रहे और यहां प्रवेश पर पाबंदी रहीं। शारदीय नवरात्र में देवी मंदिरों पर दर्शन पूजन की छूट मिली है। यही नहीं कुछ छूट के बीच दुर्गा पूजा की भी इजाजत है। इससे भक्तों में उत्साह का माहौल है। यही कारण है कि नवरात्र को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। शनिवार की सुबह व्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद पुरोहितों को बुलाकर कलश स्थापित कराया और माता का आह्वान किया।
भक्तों ने माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की। फूल, फल, धूप, दीप नैवेद्य अर्पित किया। इसके बाद माता की भव्य आरती उतारी और अभिष्ट की कामना की। बाद में पुरोहितों ने दुर्गा सप्तशति का पाठ किया। वहीं भक्तों ने भी दुर्गा चालीसा, कवच अर्गला स्त्रोत्रम, क्षमा प्रार्थना आदि का पाठ किया। वहीं विभिन्न देवी मंदिरों पर सुबह से ही दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की कतार लगी। नगर के नई बस्ती, रविनगर, सुभाष पार्क के समीप दुर्गा मंदिर, जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर, गल्ला मंडी स्थित शक्ति मंदिर, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कालोनी, गया कॉलोनी स्थित काली मंदिर के साथ ही अन्य देवी मंदिरों पर सुबह से ही भक्त पहुंचे और माता को चुनरी, नारियल, फल, फूल, धूप दीप, नैवेद्य आर्पित की और कर्पूर की भव्य आरती उतारी। मंदिरों माता के जयकारे से गूंजायमान रहे। शाम के वक्त भी महिला भक्तों ने माता के दरबार के ज्योति जलाई और प्रार्थना की।
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कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पिछले सात माह से किसी पर्व को अच्छे से मनाने की इजाजत नहीं मिली। वासंतिक नवरात्र में भी मंदिर बंद रहे और यहां प्रवेश पर पाबंदी रहीं। शारदीय नवरात्र में देवी मंदिरों पर दर्शन पूजन की छूट मिली है। यही नहीं कुछ छूट के बीच दुर्गा पूजा की भी इजाजत है। इससे भक्तों में उत्साह का माहौल है। यही कारण है कि नवरात्र को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। शनिवार की सुबह व्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद पुरोहितों को बुलाकर कलश स्थापित कराया और माता का आह्वान किया।
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भक्तों ने माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की। फूल, फल, धूप, दीप नैवेद्य अर्पित किया। इसके बाद माता की भव्य आरती उतारी और अभिष्ट की कामना की। बाद में पुरोहितों ने दुर्गा सप्तशति का पाठ किया। वहीं भक्तों ने भी दुर्गा चालीसा, कवच अर्गला स्त्रोत्रम, क्षमा प्रार्थना आदि का पाठ किया। वहीं विभिन्न देवी मंदिरों पर सुबह से ही दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की कतार लगी। नगर के नई बस्ती, रविनगर, सुभाष पार्क के समीप दुर्गा मंदिर, जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर, गल्ला मंडी स्थित शक्ति मंदिर, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कालोनी, गया कॉलोनी स्थित काली मंदिर के साथ ही अन्य देवी मंदिरों पर सुबह से ही भक्त पहुंचे और माता को चुनरी, नारियल, फल, फूल, धूप दीप, नैवेद्य आर्पित की और कर्पूर की भव्य आरती उतारी। मंदिरों माता के जयकारे से गूंजायमान रहे। शाम के वक्त भी महिला भक्तों ने माता के दरबार के ज्योति जलाई और प्रार्थना की।
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