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सात फेरे, दस झमेले
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:58 AM IST
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चंद्रकांत तिवारी
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शहालग का मौसम चल रहा है। बेटे बेटियों को सात फेरे कराने के लिए अभिभावक तैयार हैं लेकिन सात फेरे में दस झमेले हो गए हैं। 500 और हजार रुपये के नोट बंद होने से अभिभावकों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे आखिर कैसे इस विपदा से निपटे। पहले की तैयारी धरी की धरी रह गई और नई तैयारी के लिए पैसे नहीं हैं।
आठ नवंबर को अचानक पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से बेटे और बेटियों की शादी का दिन तय कर चुके अभिभावकों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी। इसके बाद से अभिभावक दिन रात बैंकों के चक्कर ही काट रहे हैं और सरकारी नियमों में उलझ कर कसमकसा रहे हैं। धीना क्षेत्र के सबल जलालपुर निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह के पुत्री का विवाह तीन दिसंबर को तय है। काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में इनका एकाउंट काशी गोमती संयुत्त ग्रामीण बैंक धीना शाखा में है। आठ नवंबर को नोट बंदी घोषणा के बाद से वे पैसे के लिए लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं। तीन दिनों से शाखा में पैसे ही नहीं है। ऐसे में घंटों लाइन में लगने के बाद निराश होकर घर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक तरफ प्रधानमंत्री शादी विवाह के लिए अपने एकाउंट से ढाई लाख रुपये निकालने की छूट देने की बात कह रहे हैं दूसरी तरफ शाखाओं पैसे ही नहीं है। ऐसे में वे कहां से तैयारी शुरू करें यही समझ में नहीं आ रहा है। आम दिन होता तो जमीन बेच कर पैसे ले लेते लेकिन वर्तमान में यह भी संभव नहीं है। इसी तरह मुगलसराय के कैलाशपुरी निवासी चंद्रकांत तिवारी उर्फ डब्बा तिवारी के भांजी का विवाह 28 नवंबर को होना है। तैयारी के लिए उन्होंने लान, बैंड बाजा, हलवाई सब तय कर लिया और एडवांस भी दे दिए लेकिन अब नोट बंदी के बाद बाकी पैसे कहां से चुकाए समझ में नहीं आ रहा है।
बताया कि लान के लिए तो चेक से काम चल जाएगा लेकिन सब्जी, दूध, खोवा, छेना, पनीर आदि की खरीद मुश्किल हो गई है। रिजर्व बैंक ने अपने एकाउंट से शादी के नाम पर ढाई लाख निकालने के लिए जो नई शर्त थोपी है, उससे पैसा निकालना ही मुश्किल है। बताया कि बड़े खर्च तो दिखाए जा सकते हैं लेकिन सौ तरह के छोटे खर्चे हैं उसका हिसाब कहां रखा जाएगा।
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आठ नवंबर को अचानक पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से बेटे और बेटियों की शादी का दिन तय कर चुके अभिभावकों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी। इसके बाद से अभिभावक दिन रात बैंकों के चक्कर ही काट रहे हैं और सरकारी नियमों में उलझ कर कसमकसा रहे हैं। धीना क्षेत्र के सबल जलालपुर निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह के पुत्री का विवाह तीन दिसंबर को तय है। काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में इनका एकाउंट काशी गोमती संयुत्त ग्रामीण बैंक धीना शाखा में है। आठ नवंबर को नोट बंदी घोषणा के बाद से वे पैसे के लिए लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं। तीन दिनों से शाखा में पैसे ही नहीं है। ऐसे में घंटों लाइन में लगने के बाद निराश होकर घर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक तरफ प्रधानमंत्री शादी विवाह के लिए अपने एकाउंट से ढाई लाख रुपये निकालने की छूट देने की बात कह रहे हैं दूसरी तरफ शाखाओं पैसे ही नहीं है। ऐसे में वे कहां से तैयारी शुरू करें यही समझ में नहीं आ रहा है। आम दिन होता तो जमीन बेच कर पैसे ले लेते लेकिन वर्तमान में यह भी संभव नहीं है। इसी तरह मुगलसराय के कैलाशपुरी निवासी चंद्रकांत तिवारी उर्फ डब्बा तिवारी के भांजी का विवाह 28 नवंबर को होना है। तैयारी के लिए उन्होंने लान, बैंड बाजा, हलवाई सब तय कर लिया और एडवांस भी दे दिए लेकिन अब नोट बंदी के बाद बाकी पैसे कहां से चुकाए समझ में नहीं आ रहा है।
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बताया कि लान के लिए तो चेक से काम चल जाएगा लेकिन सब्जी, दूध, खोवा, छेना, पनीर आदि की खरीद मुश्किल हो गई है। रिजर्व बैंक ने अपने एकाउंट से शादी के नाम पर ढाई लाख निकालने के लिए जो नई शर्त थोपी है, उससे पैसा निकालना ही मुश्किल है। बताया कि बड़े खर्च तो दिखाए जा सकते हैं लेकिन सौ तरह के छोटे खर्चे हैं उसका हिसाब कहां रखा जाएगा।
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