चंदौली कांड में सियासत: पीड़ित परिवार से मिले अखिलेश यादव, बोले- सरकारी जांच पर भरोसा नहीं, थाने में बढ़ा दलाली का सेंसेक्स
चंदौली के मनराजपुर गांव में दबिश के दौरान युवती की मौत का आरोप पुलिस पर है। आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वाराणसी जिला जेल में बंद सपा कार्यकर्ताओं से मिले। पढ़ें हर अपडेट...
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चंदौली के मनराजपुर गांव में पुलिस दबिश के दौरान युवती की घटना से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ी हुई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मृतका निशा के पिता कन्हैया यादव को सांत्वना दी। करीब आधे घंटे तक उन्होंने घटना के संबंध में चर्चा की। इसके बाद वो वाराणसी जिला जेल पहुंचे हैं। ईवीएम प्रकरण में जेल में बंद सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
मनराजपुर से वाराणसी रवाना होने के पूर्व अखिलेश यादव ने मीडिया को संबोधित किया। कहा कि हम पीड़ित परिवार और बच्ची को न्याय दिलाएंगे। सरकारी जांच पर भरोसा नहीं है। पुलिस के खिलाफ आरोप है और पुलिस के द्वारा ही मामले की जांच करना सही नहीं है। उन्होंने हाईकोर्ट के जज की देखरेख में जांच की मांग की। आरोप लगाया कि घटना वाले दिन पुलिस पूरी तैयारी के साथ जान लेने गई थी।
अखिलेश यादव ने पुलिस-प्रशासन और सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि जो सरकार पुलिस को चुनाव जिताने में लगा दे, उस सरकार से क्या उम्मीद कर सकते हैं। दलाली का सेंसेक्स थाने में बढ़ रहा है। जाति के आधार पर थानों में काम हो रहा है। जनप्रतिनिधि के दबाव में यूपी सरकार यह कर रही है कि कब किसे फंसाना है। न्यायिक हिरासत में मौत, फर्जी मुठभेड़, महिला आयोग की नोटिस, एनएचआरसी की नोटिस मामले में यूपी नंबर वन है। देश के किसी भी राज्य से उत्तर प्रदेश इन मामले में सबसे आगे है।
पुलिस दबिश नहीं दबंगई दिखाने जाती है
इससे पहले प्राइवेट विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे अखिलेश यादव का सपा नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। सड़क मार्ग द्वारा चंदौली रवाना होने से पहले सपा प्रमुख ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि प्रदेश की पुलिस दबिश नहीं दबंगई दिखाने जाती है। चंदौली की घटना इसका उदाहरण है। वहां पुलिस पूरी तैयारी के साथ गई थी जान लेने।थाने अराजकता के केंद्र बन चुके हैं। आगे कहा कि चंदौली में मृतका के पिता खुद कह रहे हैं कि पुलिस पहुंची और बेटी को पीटकर हत्या कर दी। मुझे सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। इससे न्याय नहीं मिलेगा।अगर हाईकोर्ट के जजों की कमेटी जांच करे तो न्याय हो सकता है।
बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भाजपा पर हमला
ज्ञानवापी प्रकरण पर अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती है कि समाज में शांति रहे। समाज में नौकरी-बेरोजगारी और महंगाई के सवाल पर बात न हो। आगे कहा कि आज सोचिए दुनिया में डॉलर कहां पहुंच गया और रुपया कहां है। देश के सारे संसाधन कुछ लोग खरीदे ले रहे हैं। यूपी में न नौकरी है और न ही रोजगार है।
जनता को खुद आगे आना होगा महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ। आप बताइए कि आटा की क्या कीमत हो गई है। गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई है। बिजली महंगी हो गई है। गंगा की सफाई का हाल ये है कि गंगा में मछलियां डालते ही मर जा रही हैं। इसका मतलब गंगा में ऑक्सीजन नहीं कार्बन डाईऑक्साइड बह रही है। आजम खान के सवाल पर कहा कि पूरी समाजवादी पार्टी उनके साथ है। वो जब बाहर आएंगे तो हम उनसे मिलेंगे।
ललितपुर थाने में बुलडोजर कब चलेगा
अखिलेश यादव ने कहा कि ललितपुर में एक बेटी के साथ जिस सरकार के पुलिस वालों ने दुष्कर्म किया। बुलडोजर लेकर चलने वाली सरकार ये बताए कि ललितपुर के थाने में बुलडोजर कब चलेगा। फिरोजाबाद में भी पुलिस की दबिश में महिला की जान गई। हो सकता है यहां भी पुलिस बालू के दलालों से मिली हो। हमें पुलिस पर भरोसा नहीं है।
सपाध्यक्ष अखिलेश यादव चंदौली से वाराणसी पहुंचेंगे। ईवीएम प्रकरण को लेकर जिला जेल में बंद पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
चंदौली प्रकरण की हो रही मजिस्ट्रेट जांच
चंदौली के सैयदराजा थाना क्षेत्र के मनराजपुर गांव में एक मई की दोपहर पुलिस दबिश के दौरान जिला बदर के आरोपी कन्हैया यादव की पुत्री निशा यादव उर्फ गुड़िया की मौत हो गई थी। इसकी मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। वहीं घटना के बाद राजनीतिक हलचलें भी तेज हैं। कई पार्टियों के नेता पहले भी निशा के परिजनों से आकर मिल चुके हैं।
ये है पूरा मामला
एक मई की शाम चंदौली के मनराजपुर में पुलिस जिला बदर के आरोपी कन्हैया यादव के घर दबिश देने पहुंची थी। इस दौरान कन्हैया यादव की बड़ी बेटी निशा की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने युवती पिटाई की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसवालों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ है। गांव के एक हिस्से में अभी भी कर्फ्यू जैसा माहौल है।