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Chandauli News: सड़कों पर खड़ी होती हैं रोडवेज की बसें, लगता है जाम
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पीडीडीयू नगर। बस स्टैंड के अभाव में रोडवेज की बसें जीटी रोड पर ही खड़ी होती हैं। सड़क पर ही सवारियां बैठाई और उतारी जाती हैं। ऐसे में रोज जाम लगता है और लोगों को घंटों जूझना पड़ता है।
चंदौली जिले का गठन बसपा सरकार में वर्ष 1997 में हुआ था, लेकिन अभी तक बुनियादी सुविधाओं से अछूता है। चंदौली के नाम से डिपो तो है लेकिन इसका संचालन वाराणसी के गोल गड्डा से होता है। वहां से चंदौली डिपो की 39 बसें चलाई जा रही हैं। इनके अलावा जिले को छह वातानुकूलित बसों की सुविधा भी मिली है। ये बसें वाराणसी के कैंट से राजघाट, पड़ाव होते हुए मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) तक चलाई जा रही हैं। वहीं, जिले में दस से अधिक जेएनयूआरएम की बसें आती हैं।
पीडीडीयू नगर में परिवहन निगम का बस स्टैंड नहीं है। पहले रेलवे की जमीन पर बस स्टैंड का संचालन होता था। लीज समाप्त होने पर रेलवे ने अपनी जमीन वापस ले ली है। इसके बाद से परिवहन निगम की बसें सड़क पर ही खड़ी हो रही हैं। चकिया त्रिमुहानी, जीटीआर ब्रिज, पुराने बस स्टैंड, रेलवे के वीआईपी गेट पास बसें खड़ी कर सवारियां बैठाई और उतारी जाती हैं। इससे रोज सड़क पर जाम लगता है। परिवहन के अधिकारियों का कहना है कि कृषि विभाग की खाली जमीन पर बस अड्डे का निर्माण जल्द जाएगा। इससे समस्या का निराकरण हो जाएगा।
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कोट--
चंदौली में कृषि विभाग की खाली जमीन पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसकी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। अगले साल से नए बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू होने की संभावना है। - उमाशंकर त्रिपाठी, एआरएम, चंदौली डिपो
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चंदौली जिले का गठन बसपा सरकार में वर्ष 1997 में हुआ था, लेकिन अभी तक बुनियादी सुविधाओं से अछूता है। चंदौली के नाम से डिपो तो है लेकिन इसका संचालन वाराणसी के गोल गड्डा से होता है। वहां से चंदौली डिपो की 39 बसें चलाई जा रही हैं। इनके अलावा जिले को छह वातानुकूलित बसों की सुविधा भी मिली है। ये बसें वाराणसी के कैंट से राजघाट, पड़ाव होते हुए मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) तक चलाई जा रही हैं। वहीं, जिले में दस से अधिक जेएनयूआरएम की बसें आती हैं।
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पीडीडीयू नगर में परिवहन निगम का बस स्टैंड नहीं है। पहले रेलवे की जमीन पर बस स्टैंड का संचालन होता था। लीज समाप्त होने पर रेलवे ने अपनी जमीन वापस ले ली है। इसके बाद से परिवहन निगम की बसें सड़क पर ही खड़ी हो रही हैं। चकिया त्रिमुहानी, जीटीआर ब्रिज, पुराने बस स्टैंड, रेलवे के वीआईपी गेट पास बसें खड़ी कर सवारियां बैठाई और उतारी जाती हैं। इससे रोज सड़क पर जाम लगता है। परिवहन के अधिकारियों का कहना है कि कृषि विभाग की खाली जमीन पर बस अड्डे का निर्माण जल्द जाएगा। इससे समस्या का निराकरण हो जाएगा।
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कोट
चंदौली में कृषि विभाग की खाली जमीन पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसकी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। अगले साल से नए बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू होने की संभावना है। - उमाशंकर त्रिपाठी, एआरएम, चंदौली डिपो