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Chandauli News: बुद्ध के संदेशों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प
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इलिया के सैदूपुर बुद्ध मंदिर परिसर में बैठक करते समाज के लोग। स्रोत: जागरूक पाठक
इलिया। भादो पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान की ओर से सैदूपुर स्थित बुद्ध मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना की और उनके बताए शांति, अहिंसा, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष बलवंत मौर्य ने भगवान बुद्ध के विचारों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को शांति, अहिंसा, दया, सत्य और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। मनुष्य को लोभ, मोह, क्रोध और द्वेष से दूर रहकर सदाचार तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। कहा कि भगवान बुद्ध के संदेशों को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है। आपसी प्रेम, सद्भाव और समानता की भावना से ही समाज में शांति और भाईचारा कायम किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में व्याप्त भेदभाव और आपसी वैमनस्य दूर करने तथा मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया। पूजा-अर्चना के बाद भगवान बुद्ध के आदर्शों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर नंदलाल, लालजी, बुद्ध प्रताप, वासदेव, दूधनाथ पाल, सत्येंद्र कुमार, संदीप कुमार, संतोष कुमार, बृजेश कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष बलवंत मौर्य ने भगवान बुद्ध के विचारों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को शांति, अहिंसा, दया, सत्य और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। मनुष्य को लोभ, मोह, क्रोध और द्वेष से दूर रहकर सदाचार तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। कहा कि भगवान बुद्ध के संदेशों को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है। आपसी प्रेम, सद्भाव और समानता की भावना से ही समाज में शांति और भाईचारा कायम किया जा सकता है।
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उन्होंने लोगों से बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में व्याप्त भेदभाव और आपसी वैमनस्य दूर करने तथा मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया। पूजा-अर्चना के बाद भगवान बुद्ध के आदर्शों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर नंदलाल, लालजी, बुद्ध प्रताप, वासदेव, दूधनाथ पाल, सत्येंद्र कुमार, संदीप कुमार, संतोष कुमार, बृजेश कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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