{"_id":"645a97e73d48211d43090724","slug":"rescued-comrades-after-being-shot-on-the-shoulder-killed-the-terrorist-chandauli-news-c-20-1-196840-2023-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: कंधे पर गोली लगने के बाद आतंकी को मार गिराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: कंधे पर गोली लगने के बाद आतंकी को मार गिराया
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। चंदौली के जांबाज मेजर शुभांग के सीने पर मंगलवार को कीर्ति चक्र सजा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभांग को कीर्ति चक्र दिया तो पूरा जिला गर्व से भर गया। कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में कंधे पर गोली लगने के बाद भी आतंकी को ढेर करके उन्होंने साथियों को बचाया था।
डोंगरा रेजिमेंट के मेजर शुभांग के कीर्ति चक्र मिलने के बाद जिले भर में हर्ष का माहौल है। गणतंत्र दिवस पर शुभांग सहित छह वीरों को कीर्ति चक्र और सात को शौर्य चक्र देने की घोषणा हुई थी। चंदौली मुख्यालय स्थित कैली के निवासी विमलेंदु राय और सुधा राय के इकलौते पुत्र मेजर शुभांग की शिक्षा प्रयागराज में हुई। एनडीए पास करके मेजर बने । अप्रैल 2022 में जब सेना को बड़गाम के एक गांव में आतंकवादियों के छुपने की खबर मिली तो मेजर शुभांग की अगुवाई में 62 राष्ट्रीय राइफल्स की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी गोलियां चलने लगे। उनके बाएं कंधे पर गोली लगी। इसके बवजूद उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया। उनके भय ने एक आतंकी को पास के एक घर छुप गया। उसको सेना मार गिराया। शुभांग के चाचा चंचल राय ने बताया कि वे राष्ट्रपति भवन में के जब शुभांग को कीर्ति चक्र मिला। उनकी खुशी से आंखें डबडबा गईं।
विज्ञापन
डोंगरा रेजिमेंट के मेजर शुभांग के कीर्ति चक्र मिलने के बाद जिले भर में हर्ष का माहौल है। गणतंत्र दिवस पर शुभांग सहित छह वीरों को कीर्ति चक्र और सात को शौर्य चक्र देने की घोषणा हुई थी। चंदौली मुख्यालय स्थित कैली के निवासी विमलेंदु राय और सुधा राय के इकलौते पुत्र मेजर शुभांग की शिक्षा प्रयागराज में हुई। एनडीए पास करके मेजर बने । अप्रैल 2022 में जब सेना को बड़गाम के एक गांव में आतंकवादियों के छुपने की खबर मिली तो मेजर शुभांग की अगुवाई में 62 राष्ट्रीय राइफल्स की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी गोलियां चलने लगे। उनके बाएं कंधे पर गोली लगी। इसके बवजूद उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया। उनके भय ने एक आतंकी को पास के एक घर छुप गया। उसको सेना मार गिराया। शुभांग के चाचा चंचल राय ने बताया कि वे राष्ट्रपति भवन में के जब शुभांग को कीर्ति चक्र मिला। उनकी खुशी से आंखें डबडबा गईं।
विज्ञापन