फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Ramnagar Ki Ramlila: Electric bulbs are used in Ramlila of Ramnagar, female characters also play a role

Ramnagar Ki Ramlila: रामनगर की रामलीला में विद्युत बल्बों का होता है प्रयोग, महिला पात्र भी निभाती हैं भूमिका

Wed, 18 Oct 2023 12:36 PM IST
किरन रौतेला अमरेंद्र पांडेय, अमर उजाला, चंदौली। वाराणसी
अमरेंद्र पांडेय, अमर उजाला, चंदौली। वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 18 Oct 2023 12:36 PM IST
सार

रामनगर की 221 वर्ष पुरानी रामलीला अपनी प्राचीनता, परंपरा और सहजता के लिए विश्वप्रसिद्ध है। यहां आज भी पंचलाइट की रोशनी में सभी लीलाएं होती हैं, वहीं कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण, माइक आदि प्रयोग नहीं किए जाते।

विज्ञापन
Ramnagar Ki Ramlila: Electric bulbs are used in Ramlila of Ramnagar, female characters also play a role
चित्रकूट रामलीला समिति काशी आज भारत विदाई की लीला संपन्न हुआ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला को लेकर यह सर्वविदित है कि इसमें कोई  इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आधुनिक तकनीक का प्रयोग नहीं होता। वहीं रामलीला में केवल पुरुष पात्र ही होते हैं। जो इसकी विशेषता है। हालांकि रामलीला में एक महिला पात्र भी भूमिका निभाती हैं। साथ ही दो प्रसंगों में विद्युत बल्ब भी इस्तेमाल होता है। कहा जाता है रामनगर के राजा सभी लीलाएं देखते हैं, बिना उनके आए रामलीला शुरू नहीं होती। लेकिन दो लीलाएं ऐसी हैं जिन्हें महाराज नहीं देखते। वहीं हमेशा हाथी पर सवार रहने वाले राजा एक लीला में पैदल भी चलकर लीला स्थल पर आते हैं।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- आईएमएस बीएचयू: ट्रॉमा सेंटर में जल्द शुरू होगा अंग प्रत्यारोपण, दुर्घटनाओं के गंभीर मरीजों को राहत

विज्ञापन

रामनगर की सैकड़ों वर्ष पुरानी रामलीला अपनी प्राचीनता, परंपरा और सहजता के लिए विश्वप्रसिद्ध है। यहां आज भी ज्यादा से ज्यादा लीलाएं पंचलाइट की रोशनी में होती हैं। कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, माइक आदि प्रयोग नहीं किए जाते।  दो प्रसंग ऐसे हैं जहां विद्युत बल्बों का प्रयोग किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक धनुष यज्ञ के दिन यज्ञशाला की अग्नि को दिखाने के लिए 100 वॉट का बल्ब लगाया जाता है। वहीं दूसरा जब राम चित्रकूट से पंचवटी की तरफ जाते हैं तो मार्ग में इंद्रपुरी से इंद्र द्वारा रथ भेजा जाता था। यह रथ तार के माध्यम से नीचे आता है और इसके कई विद्युत बल्ब लगे रहते हैं। इस वर्ष की लीला में इंद्र के रथ में तीन एलईडी लाइटें लगी थीं। ऐसा मजबूरी वश प्रकाश के लिए किया जाता है।

Ramnagar Ki Ramlila: Electric bulbs are used in Ramlila of Ramnagar, female characters also play a role
दानगंज नियार की रामलीला में राम लक्ष्मण और जानकी वन गमन को जाते । - फोटो : अमर उजाला

रामलीला की एकमात्र महिला पात्र हैं मुन्नी देवी

रामनगर की रामलीला में सभी कार्य पुरूष करते हैं, एकमात्र महिला पात्र मुन्नी देवी हैं। जो 25 वर्षों से नर्तकी की भूमिका निभाती हैं। रामनगर के सुल्तानपुर गांव की रहने वाली मुन्नी देवी को रामजन्मोत्सव और रामजी के विवाह पर नृत्य करने के लिए बुलाया जाता है। इनके पति विजय कुमार रामलीला में ढोलक बजाते हैं। मुन्नी देवी से पहले रामनगर के रामपुर की रहने वाली उर्मिलाबाई यह कार्य करती थीं।

कोपभवन और सीताहरण की लीला नहीं देखते महाराज

रामलीला में राजसी परंपराओं का पूरा ख्याल रखा जाता है। परंपरा के अनुसार काशिराज कैकेयी कोपभवन और सीताहरण की लीलाएं नहीं देखते। ऐसी मान्यता है कि एक राजा दूसरे राजा का दु:ख नहीं देख सकता। उसी तरह श्रीराम राज्याभिषेक के दिन काशिराज पैदल चलकर लीला स्थर पर पहुंचते हैं और श्रीराम को राजतिलक लगाते हैं। क्योकि कोई राजा ही किसी होने वालो राजा का राजतिलक कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed