{"_id":"5a747f6e09b0dea324f7acecb7d26c73","slug":"rain-water-entered-in-the-offices-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश का पानी दफ्तरों में भी घुसा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश का पानी दफ्तरों में भी घुसा
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2015 01:18 AM IST
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बुधवार की रात हुई झमाझम बारिश के बाद गुरुवार को भी दोपहर व शाम को बरसात
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हुई। जिससे किसानों की खेती-बारी का काम भी शुरू हो जाएगा।
किसान अब खेतों की जुताई के साथ धान की रोपाई की तैयारी में जुट गए हैं। जो किसान अभी धान की नर्सरी नहीं डाल पाए थे, बारिश के बाद वे तैयारी में जुट गए हैं।
दूसरी ओर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर समेत कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में बारिश का पानी एकत्रित हो गया, जिससे जनता को दिक्कतें उठानी पड़ी।
बुधवार को बरसात के बाद किसान ग़ुरुवार को धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों को तैयार करते दिखे। पहली बारिश के बाद खेतों में चहलकदमी बढ़ गई है। इस बीच गुरुवार को भी दोपहर करीब एक बजे 20 मिनट की बरसात हुई। इसी तरह शाम को भी 10 मिनट की बारिश से मौसम खुशगवार बना रहा।
वहीं नगरीय इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पंचायत के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जिला मुख्यालय स्थित कई कार्यालय बारिश के पानी से भर गए। इसमें प्रमुख रूप से कलेक्ट्रेट, सदर कचहरी, पुलिस लाइन शामिल है। कलेक्ट्रेट में पानी भर जाने से फरियादियों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाना पड़ा।
इस समस्या को देखते हुए डीएम सुरेंद्र विक्रम ने कार्यालय परिसर के बाहर बैठकर जनता की समस्याओं को सुना। साथ ही उन्होंने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान नगर पंचायत के ईओ राजेंद्र प्रसाद को निर्देश दिया कि जल निकासी की तत्काल व्यवस्था की जाए। नगर में जलभराव वाले स्थानों पर जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि जनता को परेशानी न हो।
किसान अब खेतों की जुताई के साथ धान की रोपाई की तैयारी में जुट गए हैं। जो किसान अभी धान की नर्सरी नहीं डाल पाए थे, बारिश के बाद वे तैयारी में जुट गए हैं।
दूसरी ओर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर समेत कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में बारिश का पानी एकत्रित हो गया, जिससे जनता को दिक्कतें उठानी पड़ी।
बुधवार को बरसात के बाद किसान ग़ुरुवार को धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों को तैयार करते दिखे। पहली बारिश के बाद खेतों में चहलकदमी बढ़ गई है। इस बीच गुरुवार को भी दोपहर करीब एक बजे 20 मिनट की बरसात हुई। इसी तरह शाम को भी 10 मिनट की बारिश से मौसम खुशगवार बना रहा।
वहीं नगरीय इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पंचायत के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जिला मुख्यालय स्थित कई कार्यालय बारिश के पानी से भर गए। इसमें प्रमुख रूप से कलेक्ट्रेट, सदर कचहरी, पुलिस लाइन शामिल है। कलेक्ट्रेट में पानी भर जाने से फरियादियों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाना पड़ा।
इस समस्या को देखते हुए डीएम सुरेंद्र विक्रम ने कार्यालय परिसर के बाहर बैठकर जनता की समस्याओं को सुना। साथ ही उन्होंने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान नगर पंचायत के ईओ राजेंद्र प्रसाद को निर्देश दिया कि जल निकासी की तत्काल व्यवस्था की जाए। नगर में जलभराव वाले स्थानों पर जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि जनता को परेशानी न हो।