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Chandauli News: बारिश और ओले ने बर्बाद की फसल
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पीडीडीयू नगर। दो दिनों की बारिश और ओला वृष्टि ने फसलों को कापी नुकसान हुआ है। बारिश और ओले से 10 से 15 फीसदी तक कृषि उपज गिरने का अनुमान है। जिसकी फसल पूरी तरह तबाह हो गई है, उन किसानों की निगाहें बीमा कंपनियों पर टिकी हुई हैं।
यह साल किसानों पर भारी गुजरा है। गेहूं की बुवाई के समय पानी का अभाव हो गया था। किसी तरह किसानों ने खेती की। सिंचाई के चलते लागत बढ़ गई थी। अब जब फसल तैयार हुई तो बारिश और ओलों ने तबाह कर दी। जिले में 10 हजार 916 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। कृषि विभाग ने प्रति हेक्टेयर 38.82 क्विंटल उत्पादन का अनुमान लगाया था। बारिश के कारण दस से 15 फीसदी उत्पादन कम होने का अनुमान है। जौ, चना, मटर, मसूर, सरसो, अलसी की फसल दो फीसदी तक प्रभावित हुई है लेकिन सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। सबसे ज्यादा रकबे में गेहूं की ही बुवाई हुई है।
दो दिनों तक किसानों की आजीविका पर ओले और बारिश ने गहरी चोट पहुंचाई है। गेहूं के फसल खेत में गिर गई है। उनके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अगेती खेती करने वाले किसान फसल को बचाने में लगे हैं जबकि जिनके गेहूं की फसल में अभी दाने पुष्ट नहीं हुए थे, उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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प्रशासन प्रधानमंत्री फसल बीमा के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की बात कह रहा है लेकिन बड़ेे पैमाने पर किसानों ने फसल बीमा ही नहीं कराया है। उनके लिए बारिश की मार कुछ ज्यादा ही गहरी है।
ताराजीवनपुर क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव निवासी वंश नरायन ने पांच बीघे में गेहूं की खेती की है। घर की मरम्मत, बेटी सरिता की शादी के लिए जमा करना चाहते थे लेकिन फसल बर्बाद हो गई। उनका कहना है कि घर खर्च के लिए भी अब कर्ज लेना होग। वंश नरायन, पत्नी शारदा देवी और पुत्री सरिता यह बताते हुए रोने लगे।
इनसेट-
फसल के क्षति की सूचना दें
बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सत्र में जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, उन्हें 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18008896868 और 18002660700 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना होगा। इन नंबरों पर संपर्क नहीं होने पर बीमा करने वाले बैंक या राजकीय बीज गोदाम व जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
जनपद के 5426 किसानों में कराया है बीमा
चंदौली। जनपद बारिश को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रहा है। विभाग का अनुमान है कि लगभग 10 प्रतिशत बारिश से नुकसान होने की संभावना है। जनपद में लगभग 115000 हेक्टेयर में रवि की बुवाई हुई है। जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे ने बताया कि 2लाख65 हजार किसान है।इसमें जनपद के 5426 किसानों ने बीमा कराया है। इसमें 3397 हेक्टेयर किसानों का फसल बीमा हुआ है। जिसमें 4792 किसानों ने फसल बीमा कराया है।इसमें 3341 हेक्टेयर शामिल है। वही 634 प्रोत्साहित किसान फसल बीमा कराया है। इसमें 56 हेक्टेयर से अधिक फसल का बीमा है।संवाद
एसडीएम ने फसलों के नुकसान का किया आंकलन
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यह साल किसानों पर भारी गुजरा है। गेहूं की बुवाई के समय पानी का अभाव हो गया था। किसी तरह किसानों ने खेती की। सिंचाई के चलते लागत बढ़ गई थी। अब जब फसल तैयार हुई तो बारिश और ओलों ने तबाह कर दी। जिले में 10 हजार 916 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। कृषि विभाग ने प्रति हेक्टेयर 38.82 क्विंटल उत्पादन का अनुमान लगाया था। बारिश के कारण दस से 15 फीसदी उत्पादन कम होने का अनुमान है। जौ, चना, मटर, मसूर, सरसो, अलसी की फसल दो फीसदी तक प्रभावित हुई है लेकिन सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। सबसे ज्यादा रकबे में गेहूं की ही बुवाई हुई है।
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दो दिनों तक किसानों की आजीविका पर ओले और बारिश ने गहरी चोट पहुंचाई है। गेहूं के फसल खेत में गिर गई है। उनके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अगेती खेती करने वाले किसान फसल को बचाने में लगे हैं जबकि जिनके गेहूं की फसल में अभी दाने पुष्ट नहीं हुए थे, उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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प्रशासन प्रधानमंत्री फसल बीमा के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की बात कह रहा है लेकिन बड़ेे पैमाने पर किसानों ने फसल बीमा ही नहीं कराया है। उनके लिए बारिश की मार कुछ ज्यादा ही गहरी है।
ताराजीवनपुर क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव निवासी वंश नरायन ने पांच बीघे में गेहूं की खेती की है। घर की मरम्मत, बेटी सरिता की शादी के लिए जमा करना चाहते थे लेकिन फसल बर्बाद हो गई। उनका कहना है कि घर खर्च के लिए भी अब कर्ज लेना होग। वंश नरायन, पत्नी शारदा देवी और पुत्री सरिता यह बताते हुए रोने लगे।
इनसेट-
फसल के क्षति की सूचना दें
बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सत्र में जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, उन्हें 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18008896868 और 18002660700 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना होगा। इन नंबरों पर संपर्क नहीं होने पर बीमा करने वाले बैंक या राजकीय बीज गोदाम व जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
जनपद के 5426 किसानों में कराया है बीमा
चंदौली। जनपद बारिश को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रहा है। विभाग का अनुमान है कि लगभग 10 प्रतिशत बारिश से नुकसान होने की संभावना है। जनपद में लगभग 115000 हेक्टेयर में रवि की बुवाई हुई है। जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे ने बताया कि 2लाख65 हजार किसान है।इसमें जनपद के 5426 किसानों ने बीमा कराया है। इसमें 3397 हेक्टेयर किसानों का फसल बीमा हुआ है। जिसमें 4792 किसानों ने फसल बीमा कराया है।इसमें 3341 हेक्टेयर शामिल है। वही 634 प्रोत्साहित किसान फसल बीमा कराया है। इसमें 56 हेक्टेयर से अधिक फसल का बीमा है।संवाद
एसडीएम ने फसलों के नुकसान का किया आंकलन