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करेंट से रेल कर्मचारी की मौत
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Tue, 05 Jul 2016 01:29 AM IST
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रेलवे के पावर हाउस में फीटर पद पर तैनात रेलकर्मी नारायण चौहान सोमवार को दोपहर में कार्य के दौरान करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। साथी कर्मचारियों ने तत्काल उसे मंडल लोको अस्पताल में पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर रेल कर्मचारियों में नाराजगी रही। अधिकारियों की टीम भी रेलवे अस्पताल पहुंच गई।
नगर के लाठ नंबर एक निवासी नारायण चौहान (55) रेलवे के विद्युत विभाग में फीटर थे। दोपहर में 12 बजे वह डाउन यार्ड के पावर हाउस में कार्य कर रहे थे। तभी उसका शरीर कटे केबल से छू गया और वह करेंट की चपेट में आ गए। यह देख साथी कर्मियों ने किसी तरह उन्हें तार से अलग किया और रेलवे के मंडलीय अस्पताल में पहुंचाया। डाक्टरों ने उसे परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर अन्य विभागों के कर्मचारी भी चिकित्सालय पहुंचे। घटना की सूचना मृतक के घर पर मिली तो मृतक की पत्नी मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। नारायण चौहान ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी से एक बेटा और दो लड़कियां जबकि दूसरी पत्नी से एक लड़की थी। इकलौता पुत्र दिल्ली में किसी प्राइवेट फर्म में काम करता है। साथी रेलकर्मियों ने दुर्घटना की खबर पुत्र आजाद चौहान को भी दी है। वहीं सूचना पाकर देर शाम तक बेटियां भी पहुंच गई। आरपीएफ की रिपोर्ट के बाद डाक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि विभागीय अधिकारी किसी तरह कर्मचारियों को शांत कराने के प्रयास में लगे रहे। हालांकि इस बाबत कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को राजी नहीं हुआ।
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नगर के लाठ नंबर एक निवासी नारायण चौहान (55) रेलवे के विद्युत विभाग में फीटर थे। दोपहर में 12 बजे वह डाउन यार्ड के पावर हाउस में कार्य कर रहे थे। तभी उसका शरीर कटे केबल से छू गया और वह करेंट की चपेट में आ गए। यह देख साथी कर्मियों ने किसी तरह उन्हें तार से अलग किया और रेलवे के मंडलीय अस्पताल में पहुंचाया। डाक्टरों ने उसे परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर अन्य विभागों के कर्मचारी भी चिकित्सालय पहुंचे। घटना की सूचना मृतक के घर पर मिली तो मृतक की पत्नी मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। नारायण चौहान ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी से एक बेटा और दो लड़कियां जबकि दूसरी पत्नी से एक लड़की थी। इकलौता पुत्र दिल्ली में किसी प्राइवेट फर्म में काम करता है। साथी रेलकर्मियों ने दुर्घटना की खबर पुत्र आजाद चौहान को भी दी है। वहीं सूचना पाकर देर शाम तक बेटियां भी पहुंच गई। आरपीएफ की रिपोर्ट के बाद डाक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि विभागीय अधिकारी किसी तरह कर्मचारियों को शांत कराने के प्रयास में लगे रहे। हालांकि इस बाबत कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को राजी नहीं हुआ।
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