पीडीडीयू नगर। रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के बैनरतले रेलकर्मियों का विरोध सप्ताह जारी है। शुक्रवार को प्लांट डिपो कारखाना परिसर में रेलकर्मियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अध्यक्षता करते हए यूनियन के प्लांट डिपो शाखा के कोषाध्यक्ष मंगला प्रसाद ने कहा कि रेलवे का निजीकरण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि इसके खिलाफ सभी रेलकर्मी जागरूक हो चुके हैं। पाचूराम यादव ने रेलवे में निजीकरण/ निगमीकरण को बंदकर फ्लैश बट में दोनों शिफ्ट में सरकारी कर्मचारियों को बहाल करने, वर्कशॉप क्रॉसिंग एवं ग्लूड जॉइंट को सरकारी कर्मचारियों के द्वारा चालू कराने, संरचना शाला में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने, उत्पादन से संबंधित ठेकेदारी प्रक्रिया को रद्द करने, सभी रिक्त पदों को तत्काल भरने, कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने और पर्याप्त शैचालय की व्यवस्था करने की मांग की।
यूनियन के मंडल सचिव शिव कुमार सिंह ने निजीकरण का विरोध, नई पेंशन स्कीम को हटाकर पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल, पदों की सरेंडर को रोककर उस पदों को भरने जैसी अन्य कई मुद्दों पर चर्चा की। संतोष गोड़ ने कहा करोना काल में कार्यरत सभी रेलकर्मियों को 50 लाख का बीमा एवं पीपी किट खरीदने के लिए पर्याप्त धनराशि देने की मांग की। मंडल चुनाव प्रभारी स्वामीनाथ ने कहा क्वारंटीन अवधि को विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया जाय। मंडल अस्पताल में प्रसव वार्ड, अल्ट्रासोनोग्राफी, डिजीटल एक्स-रे उपलब्घ कराने की मांग। सभा में राकेश राणा,अनिल कुमार, पवन कुमार, अजय, आरपी यादव,जयनारायण, विजय प्रसाद, रामबली, पिंटू चौधरी, वीरेन्द्र कुमार, अशफाक, नंदलाल ,अरविंद कुमार रहे। संचालन पांचू राम यादव ने किया।