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विभिन्न संगठनों के विरोध-पव्रदर्शन से गर्म रहा मुख्यालय
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अगस्त क्रांति के अवसर पर नौ अगस्त को विभिन्न संगठनों एवं राजनीतिक दलों ने मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अप्रमाणिक बीजों पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही एडीएम को मांगपत्र सौंपा। वहीं शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाल करने सहित कई मांगों को जिला प्रशासन के सामने रखा। शिक्षकों ने जुलूस निकाला और मांगपत्र सौंपा। इसी तरह समाजवादी पार्टी ने जन समस्याओं को दूूर कराने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों के साथ छलावा कर रही है।
विदेशी अप्रमाणिक बीजों पर रोक लगाने की मांग
भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी बच्चालाल से मुलाकात की। लोगों ने विदेशी कंपनीयों द्वारा अप्रमाणिक बीजों पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित कृषि और पर्यावरण मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। चेताया कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो किसान मोर्चा खोलेंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि कुछ विदेशी संस्थाएं अप्रमाणिक बीजों को भारत के बाजार में बेच रही है। जबकि इसे भारतीय प्रयोगशालाओं द्वारा कोई मान्यता प्रदान नहीं की गई है। इन बीजों में पोषक तत्वों का अभाव है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार ऐसी संस्थाओं को खिलाफ कार्रवाई करते हुए काली सूची में डाले तथा बीज के बाजार में उतारने पर रोक लगे। प्रांतीय महामंत्री अखिलेश सिंह ने कहा कि विदेशी संस्थाएं के एचटीबीटी कपास, बीटी बैगन तथा जीएम सरसों बीज पर पूर्ण पाबंदी होनी चाहिए। इस दौरान सवरु चौहान, जयप्रकाश सिंह, राजेश पाल, रामआसरे पाल, आदित्य नारायन सिंह, बलवंत सिंह, भोला यादव, राकेश सिंह, नागेंद्र तिवारी, शैलेंद्र तिवारी उपस्थित रहे।
जुलूस निकाल शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन चंदौली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ सरकार को चेताया कि अगर हमारी मांगों पर सरकार की ओर से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी बच्चा लाल को सौंपा।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार शिक्षक के साथ भेदभाव कर रही है। शिक्षकों की मांगों के प्रति लेकर गंभीर नहीं है। कई बार शिक्षकों ने अपने मांगों के समर्थन में सरकार से गुहार लगाई, लेकिन बार-बार आश्वासन ही दिया गया। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और नई पेंशन को तत्काल बंद किया जाए। वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली तत्काल निर्गत किया जाए और 15 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यधलयों में कोषागार से वेतन सहित अन्य प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ शिक्षकों मिल सके। इस दौरान वीरेंद्र कुमार सिंह, त्रिभुवन नारायण सिंह, वीरेंद्र तिवारी, प्रकाश मिश्र, आंनद सिंह, राजीव सिंह, कमला सिंह रहे।
जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही भाजपा-पूर्व सांसद
चंदौली। समाजवादी पार्टी जिला इकाई की ओर से शुक्रवार को जन समस्याओं के विरोध में जिला मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। वहीं क्रांति दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं ने जन समस्याओं के लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन करने का संकल्प लिया। वहीं कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। अंत में राज्यपाल को संबोधि 31सूत्री ज्ञापन एडीएम बच्चा लाल को सौंपा।
इस दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि देश व प्रदेश के किसानों, नौजवानों, अल्पसंख्यकों, गरीबों, बेरोजगारों आदि की अनदेखी कर भाजपा जनविरोधी नीति पर काम कर रही है। वह अपने राजनैतिक हित को देख रही है उसे जनता और किसानों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं हैं। देश में नफरत की राजनीति कर अपने हित के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है, लेकिन समाजवादी इसमें सफल नहीं होने देंगे। विधायक प्रभुनारायण यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। यही कारण है कि आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार में बैठे लोग सुनियोजित तरीके से दलितों, पिछड़ों का आरक्षण समाप्त कर एक विशेष जाति को लाभ पहुंचाने का काम रहे हैं। सपा नेता मनोज सिंह काका ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद किसानों, गरीबों, दलितों को भूल गई है। वह देश व प्रदेश में सामाजिक सौर्हाद्र बिगाड़ने का काम रही है। इस दौरान पूर्व विधायक बब्बन सिंह चौहान, पूनम सोनकर, बाबूलाल यादव, चकरू यादव, डा. वीरेंद्र बिंद, अंजनी सिंह, राजा खान, चंद्रभानु यादव, महेंद्र राजभर, रमेश यादव, दिलीप पासवान, अशोक त्रिपाठी, जय प्रकाश यादव, मुकेश यादव, सुरेंद्र यादव, यादवेश यादव, संतोष यादव, सुषमा यादव, राधा यादव, जगमेंद्र यादव, मुन्नीलाल मौर्य, अनिल मिश्रा, संजय सोनकर, रामअधार जोसेफ, पवन यादव, अश्वनी सोनकर, रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर व संचालन जिला महासचिव नफीस अहमद ने किया।
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विदेशी अप्रमाणिक बीजों पर रोक लगाने की मांग
भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी बच्चालाल से मुलाकात की। लोगों ने विदेशी कंपनीयों द्वारा अप्रमाणिक बीजों पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित कृषि और पर्यावरण मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। चेताया कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो किसान मोर्चा खोलेंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि कुछ विदेशी संस्थाएं अप्रमाणिक बीजों को भारत के बाजार में बेच रही है। जबकि इसे भारतीय प्रयोगशालाओं द्वारा कोई मान्यता प्रदान नहीं की गई है। इन बीजों में पोषक तत्वों का अभाव है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार ऐसी संस्थाओं को खिलाफ कार्रवाई करते हुए काली सूची में डाले तथा बीज के बाजार में उतारने पर रोक लगे। प्रांतीय महामंत्री अखिलेश सिंह ने कहा कि विदेशी संस्थाएं के एचटीबीटी कपास, बीटी बैगन तथा जीएम सरसों बीज पर पूर्ण पाबंदी होनी चाहिए। इस दौरान सवरु चौहान, जयप्रकाश सिंह, राजेश पाल, रामआसरे पाल, आदित्य नारायन सिंह, बलवंत सिंह, भोला यादव, राकेश सिंह, नागेंद्र तिवारी, शैलेंद्र तिवारी उपस्थित रहे।
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जुलूस निकाल शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन चंदौली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ सरकार को चेताया कि अगर हमारी मांगों पर सरकार की ओर से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी बच्चा लाल को सौंपा।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार शिक्षक के साथ भेदभाव कर रही है। शिक्षकों की मांगों के प्रति लेकर गंभीर नहीं है। कई बार शिक्षकों ने अपने मांगों के समर्थन में सरकार से गुहार लगाई, लेकिन बार-बार आश्वासन ही दिया गया। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और नई पेंशन को तत्काल बंद किया जाए। वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली तत्काल निर्गत किया जाए और 15 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यधलयों में कोषागार से वेतन सहित अन्य प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ शिक्षकों मिल सके। इस दौरान वीरेंद्र कुमार सिंह, त्रिभुवन नारायण सिंह, वीरेंद्र तिवारी, प्रकाश मिश्र, आंनद सिंह, राजीव सिंह, कमला सिंह रहे।
जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही भाजपा-पूर्व सांसद
चंदौली। समाजवादी पार्टी जिला इकाई की ओर से शुक्रवार को जन समस्याओं के विरोध में जिला मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। वहीं क्रांति दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं ने जन समस्याओं के लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन करने का संकल्प लिया। वहीं कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। अंत में राज्यपाल को संबोधि 31सूत्री ज्ञापन एडीएम बच्चा लाल को सौंपा।
इस दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि देश व प्रदेश के किसानों, नौजवानों, अल्पसंख्यकों, गरीबों, बेरोजगारों आदि की अनदेखी कर भाजपा जनविरोधी नीति पर काम कर रही है। वह अपने राजनैतिक हित को देख रही है उसे जनता और किसानों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं हैं। देश में नफरत की राजनीति कर अपने हित के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है, लेकिन समाजवादी इसमें सफल नहीं होने देंगे। विधायक प्रभुनारायण यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। यही कारण है कि आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार में बैठे लोग सुनियोजित तरीके से दलितों, पिछड़ों का आरक्षण समाप्त कर एक विशेष जाति को लाभ पहुंचाने का काम रहे हैं। सपा नेता मनोज सिंह काका ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद किसानों, गरीबों, दलितों को भूल गई है। वह देश व प्रदेश में सामाजिक सौर्हाद्र बिगाड़ने का काम रही है। इस दौरान पूर्व विधायक बब्बन सिंह चौहान, पूनम सोनकर, बाबूलाल यादव, चकरू यादव, डा. वीरेंद्र बिंद, अंजनी सिंह, राजा खान, चंद्रभानु यादव, महेंद्र राजभर, रमेश यादव, दिलीप पासवान, अशोक त्रिपाठी, जय प्रकाश यादव, मुकेश यादव, सुरेंद्र यादव, यादवेश यादव, संतोष यादव, सुषमा यादव, राधा यादव, जगमेंद्र यादव, मुन्नीलाल मौर्य, अनिल मिश्रा, संजय सोनकर, रामअधार जोसेफ, पवन यादव, अश्वनी सोनकर, रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर व संचालन जिला महासचिव नफीस अहमद ने किया।